अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | मॉस्को | 20 मार्च 2026
रूस में इंटरनेट अब पहले जैसा खुला नहीं रहा। वहां की सरकार धीरे-धीरे डिजिटल दुनिया पर अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि लोगों के लिए खुलकर इंटरनेट इस्तेमाल करना मुश्किल होता जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, रूस के कई इलाकों में समय-समय पर इंटरनेट सेवाओं को धीमा या बंद किया जा रहा है। इसके साथ ही लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप्स जैसे टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर भी पाबंदियां बढ़ाई जा रही हैं। सरकार इन प्लेटफॉर्म्स की पहुंच सीमित करने की कोशिश कर रही है।
इतना ही नहीं, जो लोग इन पाबंदियों से बचने के लिए VPN का इस्तेमाल करते थे, अब उन पर भी कार्रवाई हो रही है। दर्जनों VPN सेवाओं को बंद किया जा चुका है या उनकी पहुंच रोक दी गई है, ताकि लोग ब्लॉक की गई वेबसाइट्स और ऐप्स तक न पहुंच सकें।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह सब इंटरनेट पर नियंत्रण बढ़ाने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है। सरकार चाहती है कि देश के अंदर कौन क्या देखे, क्या पढ़े और क्या शेयर करे—इस पर उसकी सीधी निगरानी रहे।
इसका असर आम लोगों पर भी साफ दिखने लगा है। कई यूजर्स को मैसेज भेजने, वीडियो देखने या विदेशी वेबसाइट्स तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डिजिटल दुनिया, जो कभी आज़ादी का प्रतीक मानी जाती थी, अब रूस में सीमित होती नजर आ रही है।
हालांकि सरकार का तर्क है कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और गलत सूचनाओं को रोकने के लिए जरूरी हैं। लेकिन आलोचकों का कहना है कि यह अभिव्यक्ति की आज़ादी को सीमित करने की दिशा में बड़ा कदम है।
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि रूस इंटरनेट पर अपने इस नियंत्रण को कितना और सख्त करता है और इसका असर वहां के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर कितना पड़ता है।




