संजीव कुमार | 29 नवंबर 2025
भारत का क्रिकेट संसार एक बार फिर बड़े फैसलों की दहलीज़ पर खड़ा है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की ODI सीरीज़ के बाद बीसीसीआई रोहित शर्मा और विराट कोहली के 50 ओवर प्रारूप में भविष्य पर एक अहम बैठक करने जा रहा है। ये बैठक सिर्फ एक औपचारिक समीक्षा नहीं, बल्कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप की दिशा तय करने वाली रणनीतिक ‘रीसेट मीटिंग’ मानी जा रही है। बोर्ड, मुख्य कोच गौतम गंभीर और चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर को लेकर यह मूल्यांकन करेगा कि भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गजों को ODI सेटअप में किस रूप में आगे ले जाया जाए। हाल के वर्षों में T20 और टेस्ट क्रिकेट को प्राथमिकता देने के कारण दोनों सुपरस्टारों की सफेद गेंद से दूरी और गेम-टाइम में कमी को लेकर चिंताएँ पहले ही सामने आ चुकी हैं।
बीसीसीआई ने इसी संदर्भ में रोहित शर्मा को पहले ही साफ संदेश दे दिया है कि वे फिटनेस, निरंतरता और अपने उसी आक्रामक खेल-शैली पर ध्यान केंद्रित करें जिसने 2023 विश्व कप में भारतीय ODI बल्लेबाज़ी की परिभाषा ही बदल दी थी। बोर्ड चाहता है कि रोहित वही ‘fearless’ और ‘front-leading’ बैटिंग मोड जारी रखें, जिसमें पावरप्ले में विपक्षी टीम को बैकफुट पर धकेलने की क्षमता नजर आती है। वहीं विराट कोहली के मामले में, उनकी फॉर्म और ODI में मैच-मैच्योरिटी पर कोई संदेह नहीं, लेकिन टीम मैनेजमेंट उनसे भी लगातार गेम-टाइम और घरेलू टूर्नामेंटों—खासकर विजय हज़ारे ट्रॉफी—में संभावित भागीदारी की उम्मीद रखता है, ताकि 2027 के लंबे रोडमैप में उनके अनुभव का सर्वोत्तम लाभ लिया जा सके।
बैठक में इन दोनों वरिष्ठ खिलाड़ियों की भूमिकाओं का व्यापक पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा। यह देखा जाएगा कि वे 2027 विश्व कप तक टीम की मुख्य संरचना का हिस्सा हों या नई पीढ़ी के खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करते हुए एक संक्रमणकालीन भूमिका निभाएँ। बोर्ड के भीतर यह भी चर्चा है कि ODI क्रिकेट में ताज़गी और शार्पनेस बनाए रखने के लिए नियमित मैच प्रैक्टिस अनिवार्य है, और दक्षिण अफ्रीका सीरीज़ उनके लिए एक ‘रियल-टाइम रिपोर्ट कार्ड’ साबित हो सकती है। खासकर हालिया टेस्ट संघर्षों और हल्की मैच-रस्टिनेस की आलोचनाओं के बीच यह सीरीज़ दोनों के लिए ‘परफॉर्म या प्लान बदलो’ वाली स्थिति मानी जा रही है।
स्पष्ट है कि भारतीय क्रिकेट का यह दौर बदलाव की दहलीज़ पर है। चाहे निर्णय जैसा भी हो, लेकिन रोहित शर्मा और विराट कोहली के ODI भविष्य पर यह आगामी बैठक भारतीय क्रिकेट के अगले 3–4 वर्षों के ब्लूप्रिंट को गहराई से प्रभावित करेगी। यह सिर्फ दो खिलाड़ियों के भविष्य का प्रश्न नहीं, बल्कि भारतीय ODI क्रिकेट की नई दिशा का निर्धारण है।





