श्रीनगर 8 नवंबर 2025
जम्मू-कश्मीर के बडगाम ज़िले में शुक्रवार को एक चुनावी रैली के दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “PDP जनता को सिर्फ़ धोखा देती है, उनके नेता मीठे वादे करते हैं लेकिन ज़मीन पर कुछ नहीं बदलता।” उमर अब्दुल्ला ने जनता से अपील की कि वे अब भावनाओं में न बहें और अगले चार सालों के शासन के लिए अपने वोट का इस्तेमाल सोच-समझकर करें।
उमर अब्दुल्ला ने अपने भाषण की शुरुआत विकास और रोज़गार के मुद्दों से की। उन्होंने कहा कि “यह चुनाव बिजली, पानी, सड़कों और नौजवानों के भविष्य का चुनाव है, न कि झूठे नारों का।” उन्होंने बिजली मीटरिंग को लेकर भी एक अहम बात कही। उनका कहना था कि बिजली की खपत उसी जगह गिनी जानी चाहिए जहाँ मीटर लगाए गए हैं, और जहाँ मीटर की ज़रूरत नहीं है, वहाँ जबरन बिल नहीं थोपे जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि “हमने वादा किया है कि जनता को हर महीने 200 यूनिट मुफ्त बिजली देंगे, इंशाअल्लाह हम इस वादे को पूरा करेंगे। लेकिन इसके लिए लोगों को PDP के झाँसे में नहीं आना चाहिए।”
उन्होंने आरोप लगाया कि PDP ने बिजली सुधारों का झूठा दिखावा किया, लेकिन असल में उन्होंने मीटर सरकारी दफ्तरों में लगाए और आम जनता को कोई लाभ नहीं दिया। उमर ने कहा कि उनकी सरकार ने गरीब तबकों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की मदद के लिए कई योजनाएँ शुरू कीं — जिनमें सब्सिडी और राहत पैकेज शामिल हैं — लेकिन PDP का ध्यान केवल सत्ता में बने रहने पर रहा।
अपने संबोधन में उमर अब्दुल्ला ने कहा कि PDP ने न केवल जनता को गुमराह किया बल्कि कई मौकों पर निर्दोष लोगों को गिरफ्तार कर उनके साथ अन्याय भी किया। उन्होंने कहा कि “PDP ने एक ओर खुद को कश्मीरी हितों की रक्षक बताया और दूसरी ओर बीजेपी के साथ गठबंधन कर लिया। यही उनकी असली सियासत है — दो नावों पर सवार होकर लोगों को भ्रमित करना।”
उन्होंने कहा कि “नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) की सरकार ने हमेशा जनता की बेहतरी के लिए काम किया, चाहे वो बाढ़ राहत हो, युवाओं के लिए रोजगार योजनाएँ हों या गरीबों के लिए सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम।”
उमर अब्दुल्ला ने लोगों से आग्रह किया कि वे आगामी चुनाव में जात-पात और झूठे वादों से ऊपर उठकर विकास को आधार बनाएं। उन्होंने कहा कि “आपका वोट यह तय करेगा कि अगले चार साल कश्मीर में कौन सी सरकार होगी — वह जो जनता के साथ खड़ी है या वह जो दिल्ली की राजनीति के दबाव में चलती है।”
उन्होंने बिजली बिलों, युवा रोजगार और विकास परियोजनाओं को चुनाव का असली मुद्दा बताया। “यह वक्त है अपने बच्चों के भविष्य के बारे में सोचने का, न कि खोखले नारों के पीछे जाने का,” उन्होंने कहा।
बडगाम की इस रैली में उमर अब्दुल्ला ने JKNC उम्मीदवार आगा महमूद के लिए समर्थन मांगा। उन्होंने कहा कि “आगा महमूद एक ईमानदार और जनता से जुड़े उम्मीदवार हैं, जिन्होंने हमेशा लोगों की समस्याओं को आवाज़ दी है। जैसे आपने पहले मुझे अपना समर्थन दिया था, वैसा ही भरोसा इस बार भी आगा महमूद को दें।” उन्होंने कहा कि बडगाम के लोग हमेशा समझदारी से फैसला करते हैं और उम्मीद है कि इस बार भी वे विकास को प्राथमिकता देंगे।
PDP-BJP गठबंधन पर निशाना:
उमर अब्दुल्ला ने अपने भाषण में PDP और बीजेपी के पुराने गठबंधन को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि “भले ही आज PDP खुद को अलग दिखाने की कोशिश करे, लेकिन सच्चाई यह है कि उनका राजनीतिक रिश्ता बीजेपी से अब भी बना हुआ है। ये दोनों दल अंदरखाने एक-दूसरे के साथ हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को इन दोनों पार्टियों की “दोहरी राजनीति” को पहचानना चाहिए। “कश्मीर की जनता को अब यह समझना होगा कि हर बार झूठे वादे और गठबंधन की राजनीति ने हमारी नई पीढ़ी का कितना नुकसान किया है,” उमर ने कहा।
चुनावी माहौल और जनता की प्रतिक्रिया:
बडगाम की इस रैली में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, व्यापारी और युवा शामिल हुए। भीड़ के बीच बार-बार “उमर साहब ज़िंदाबाद” और “नेशनल कॉन्फ्रेंस मुबारक” के नारे गूंजते रहे। लोगों में उमर अब्दुल्ला के सीधे और सरल अंदाज़ को लेकर उत्साह दिखाई दिया। कई युवाओं ने कहा कि उन्हें रोज़गार और शिक्षा की दिशा में काम करने वाली सरकार चाहिए, न कि केवल भाषण देने वाली।
स्थानीय किसान मोहम्मद रफीक ने कहा कि “हमें अब झूठे वादों से नहीं, ज़मीन पर दिखने वाले काम से फर्क पड़ता है। उमर साहब ने जो कहा है, उसमें सच्चाई है। PDP के दौर में हमने सिर्फ बिजली के बिल और बेरोज़गारी देखी।”
बडगाम की यह रैली सिर्फ़ एक राजनीतिक सभा नहीं, बल्कि आने वाले उपचुनाव की दिशा तय करने वाला संकेत बन गई है। उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस इस बार जनता से विकास, रोज़गार और भरोसे के मुद्दों पर समर्थन मांग रही है, जबकि उन्होंने PDP को “झूठे वादों और दोहरी राजनीति” की पार्टी बताया।
अब सबकी नज़र 11 नवंबर के उपचुनाव पर है, जहाँ यह तय होगा कि बडगाम का जनमत किसके साथ है — जनता के विकास के रास्ते पर चलने वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस, या राजनीतिक चालों में उलझी PDP.





