अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | इस्लामाबाद/मुजफ्फराबाद | 10 जून 2026
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में बुधवार को पाकिस्तान सेना का एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार सभी सैन्यकर्मियों की मौत हो गई। यह हादसा मुजफ्फराबाद के पास उस समय हुआ जब हेलीकॉप्टर उड़ान भरने की तैयारी कर रहा था। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर धुएं का गुबार दिखाई दिया और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने हादसे की पुष्टि करते हुए कहा कि हेलीकॉप्टर तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हुआ। सेना के अनुसार, दुर्घटना इतनी भीषण थी कि हेलीकॉप्टर में सवार कोई भी व्यक्ति जीवित नहीं बच सका। हालांकि सेना ने तत्काल मृतकों की संख्या सार्वजनिक नहीं की है। हादसे के बाद राहत एवं बचाव दलों को तुरंत घटनास्थल पर भेजा गया और मलबे से शवों को निकालने का अभियान चलाया गया।
पाकिस्तानी सेना ने इस दुर्घटना को बड़ा नुकसान बताते हुए गहरा शोक व्यक्त किया है। पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने मृत सैन्यकर्मियों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। सेना के बयान में कहा गया है कि देश ने अपने बहादुर जवानों को खो दिया है और पूरा सैन्य नेतृत्व इस दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ा है।
दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए सेना ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। एक विशेष जांच बोर्ड गठित किया गया है जो यह पता लगाएगा कि तकनीकी खराबी किस वजह से हुई और क्या हेलीकॉप्टर में पहले से कोई यांत्रिक समस्या मौजूद थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरने के दौरान नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद वह जमीन से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान में सैन्य और सरकारी हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं की कई घटनाएं सामने आई हैं। सितंबर 2025 में गिलगित-बाल्टिस्तान के दियामेर जिले में तकनीकी खराबी के कारण सेना का एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें पांच सैन्यकर्मियों की मौत हो गई थी। वहीं अगस्त 2025 में खैबर पख्तूनख्वा सरकार का एक हेलीकॉप्टर खराब मौसम के कारण दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें दो पायलटों सहित पांच लोगों की जान चली गई थी।
पीओके में हुई इस ताजा दुर्घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान के सैन्य विमानन तंत्र और हेलीकॉप्टर बेड़े की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार सामने आ रही तकनीकी खामियों और दुर्घटनाओं के बीच अब सबकी नजर सेना की जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जो यह बताएगी कि आखिर इस भीषण हादसे के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।




