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रूस से तेल, अमेरिका से मेल — देश में लुका-छिपी का खेल, यही तो है नरेंद्र सरेंडर: कांग्रेस

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नई दिल्ली, 23 अक्टूबर 2025

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि भारत की विदेश नीति अब पारदर्शिता के बजाय “लुका-छिपी के खेल” में तब्दील हो गई है। कांग्रेस प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि रूस से तेल खरीद और अमेरिका से मेलजोल के बीच प्रधानमंत्री मोदी का मौन रवैया बताता है कि देश की विदेश नीति अब आत्मनिर्भर नहीं रही — और यही है “नरेंद्र सरेंडर” की असली तस्वीर।

रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई बातचीत के महत्वपूर्ण अंश देश से छिपाए। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने केवल इतना बताया कि ट्रंप ने उन्हें दीपावली की शुभकामनाएँ दीं, लेकिन यह नहीं बताया कि उसी बातचीत में रूस से तेल आयात पर रोक लगाने को लेकर अमेरिकी दबाव की बात हुई थी।” रमेश ने कहा कि यह कोई साधारण मामला नहीं, बल्कि भारत की विदेश नीति की स्वायत्तता पर गंभीर प्रश्न है।

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्वयं सार्वजनिक रूप से यह खुलासा किया कि उन्हें भारत की ओर से यह आश्वासन मिला है कि भारत जल्द ही रूस से तेल का आयात रोक देगा। रमेश ने सवाल उठाया कि अगर भारत जैसे लोकतांत्रिक और स्वतंत्र राष्ट्र की नीति की घोषणा वॉशिंगटन से हो रही है, तो प्रधानमंत्री का मौन आखिर किस दबाव का संकेत है?

उन्होंने कहा, “पिछले छह दिनों में यह चौथी बार है जब अमेरिका की ओर से भारत की विदेश नीति से जुड़ी जानकारी पहले सामने आई है। प्रधानमंत्री को देश को बताना चाहिए कि क्या भारत की नीतियाँ अब व्हाइट हाउस से तय होंगी?”

रमेश ने एक पुराने उदाहरण का हवाला देते हुए कहा कि इससे पहले भी राष्ट्रपति ट्रंप ने “ऑपरेशन सिंदूर” को रोके जाने की जानकारी प्रधानमंत्री मोदी के घोषणा करने से पहले ही साझा कर दी थी। उन्होंने कहा, “जब किसी अन्य देश के नेता भारत की सैन्य और ऊर्जा नीतियों की जानकारी पहले दे देते हैं, तो यह राष्ट्रीय गरिमा पर गहरी चोट है।”

कांग्रेस प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री से मांग की कि वे इस बातचीत का पूरा ब्यौरा संसद और देश के सामने रखें। उन्होंने कहा कि देश को यह जानने का अधिकार है कि भारत की ऊर्जा और विदेश नीति में किस हद तक अमेरिकी हस्तक्षेप हो रहा है और प्रधानमंत्री ने क्या-क्या आश्वासन दिए हैं।

कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार विदेशी दबाव में फैसले ले रही है और जनता के सामने तथ्यों को छिपाया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि यह “भारत की नहीं, नरेंद्र सरेंडर की नीति” है — जिसमें राष्ट्रीय हित और पारदर्शिता दोनों की बलि चढ़ रही है।

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, कांग्रेस का यह बयान केवल विदेश नीति पर नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी की विश्वसनीयता पर भी सीधा हमला है।

रूस से तेल पर सौदा और अमेरिका से मेल की कहानी में अब विपक्ष ने “लुका-छिपी का खेल” उजागर कर दिया है — और यही विपक्ष के शब्दों में “नरेंद्र सरेंडर” का असली अर्थ बनकर उभर रहा है।

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