बिहार की राजनीति में चुनावी शोर के बीच कांग्रेस ने बीजेपी-जेडीयू गठबंधन पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने एक स्वर में यह आरोप लगाया कि बिहार में जो सरकार चल रही है, वह जनता की नहीं बल्कि दिल्ली के दलालों की है। कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट, प्रवक्ता रागिनी नायक और एक्स-सर्विसमेन विभाग के अध्यक्ष कर्नल रोहित चौधरी ने अपने बयानों में नीतीश कुमार और बीजेपी की सरकार को झूठ, भ्रष्टाचार और विश्वासघात की सरकार करार दिया।
सचिन पायलट ने अपने भाषण में कहा कि बिहार की डबल इंजन सरकार का असली चेहरा अब जनता के सामने आ चुका है। उन्होंने कहा कि बीजेपी और जेडीयू की घोषणाओं में न तो कोई आर्थिक आधार है, न नैतिक ज़मीन। पायलट ने कहा, “CAG की रिपोर्ट यह साबित करती है कि इस सरकार ने जनता के टैक्स से कमाए करोड़ों रुपये या तो खर्च नहीं किए या उन्हें सरेंडर कर दिया। लगभग 70,000 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है और कोई जवाबदेही तय नहीं हुई। यह बिहार के मेहनतकश लोगों के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात है।”
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के दो-तिहाई लोग आज भी मात्र 65 रुपये प्रतिदिन में जीवन गुज़ारने को मजबूर हैं, यह किसी भी सरकार के लिए शर्म की बात होनी चाहिए। पायलट ने कहा कि राहुल गांधी की “वोटर अधिकार यात्रा” ने इस सरकार की सच्चाई को उजागर किया है और जनता को यह एहसास कराया है कि “BJP-जेडीयू की डबल इंजन सरकार अब जंग खा चुकी है। इसका इंजन तो दिल्ली में चलता है, लेकिन इसका नुकसान बिहार की जनता को झेलना पड़ता है।” उन्होंने भरोसा जताया कि अब बिहार में सत्ता नहीं, व्यवस्था बदलेगी — “महागठबंधन जनता की कसौटी पर खरा उतरेगा, और इस बार सुगबुगाहट नहीं, बल्कि सुनामी आएगी।”

कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक ने बीजेपी-जेडीयू गठबंधन पर राजनीतिक विस्फोट करते हुए कहा कि बिहार में ‘ठगबंधन’ ने पिछले बीस सालों में जनता से जितना झूठ बोला, उतना किसी ने नहीं। उन्होंने कहा, “अब इनके पाप का घड़ा भर चुका है और 14 नवंबर को यह फूटने वाला है।” नायक ने प्रधानमंत्री मोदी को चुनावी पर्यटक बताते हुए कहा, “जब देश में आतंकी हमला हुआ, राहुल गांधी पीड़ितों से मिले; और जब बिहार में चुनाव हुआ, मोदी वहीं पहुंचे — क्योंकि उन्हें देश नहीं, वोट की चिंता है।”
रागिनी नायक ने एनडीए के घोषणापत्र को “जुमला पत्र” बताया और एक-एक वादे की सच्चाई उजागर की। उन्होंने कहा, “ये कहते हैं कि बिहार में 1 करोड़ नौकरियां देंगे — जो लोग देश में हर साल 2 करोड़ नौकरियां देने का वादा पूरा नहीं कर पाए, वे बिहार में 1 करोड़ नौकरी कैसे देंगे? जुमले बोलना आसान है, लेकिन सच्चाई यह है कि युवाओं के हाथों से रोजगार छीन लिया गया।” उन्होंने आगे कहा, “ये कहते हैं कि बिहार में 50 करोड़ का निवेश करेंगे — लेकिन जिस राज्य में पिछले छह महीने में नौ बड़े उद्योगपतियों की हत्या हो चुकी है, वहां कौन निवेश करेगा? यहां उद्योग की बात करना मज़ाक बन चुका है।”
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए नायक ने कहा कि बिहार में महिलाओं के खिलाफ अपराध चरम पर हैं। “हर रोज़ अत्याचार की नई कहानी सामने आती है, लेकिन बीजेपी-जेडीयू सरकार केवल नारे देती है, सुरक्षा नहीं। इनका महिला सशक्तिकरण सिर्फ़ पोस्टर पर दिखता है, ज़मीन पर नहीं।” उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब समझ चुकी है कि “डबल इंजन दरअसल डबल धोखा है” — एक इंजन दिल्ली में झूठ फैलाता है और दूसरा पटना में जनता को लूटता है।
अग्निवीर पर कर्नल रोहित चौधरी का हमला:

कांग्रेस के एक्स-सर्विसमेन विभाग के चेयरमैन कर्नल रोहित चौधरी ने मोदी सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिहार के लाखों युवा सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने का सपना देखते हैं, लेकिन मोदी सरकार ने “अग्निवीर योजना” थोपकर उनके सपनों को तोड़ दिया। उन्होंने कहा, “यह योजना देश की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है और युवाओं के जीवन के साथ भी। जो चार साल बाद घर लौटेंगे, उन्हें स्थायी नौकरी नहीं, बल्कि बेरोज़गारी मिलेगी।”
कर्नल चौधरी ने गृह मंत्रालय की हालिया अधिसूचना पर गहरी आपत्ति जताई, जिसमें कहा गया है कि सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को “प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसियों” में रखा जाएगा। उन्होंने कहा, “ये शर्मनाक है। जब मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह ने खुद कहा था कि अग्निवीरों को पेंशन वाली नौकरी दी जाएगी, तो अब उन्हें सिक्योरिटी गार्ड की तरह क्यों रखा जा रहा है? क्या यही है ‘न्यू इंडिया’?”
उन्होंने मोदी सरकार से दो सीधे सवाल पूछे —
“पहला — क्या देश के जवान अब कॉर्पोरेट के सिक्योरिटी गार्ड बनकर रह जाएंगे? और दूसरा — क्या मोदी सरकार युवाओं को निजी एजेंसियों के हाथों बेचने की तैयारी कर रही है?” उन्होंने कहा कि कांग्रेस का “जय जवान अभियान” सिर्फ एक आंदोलन नहीं, बल्कि एक प्रतिज्ञा है — “हम अपने सैनिकों को किसी भी सूरत में प्राइवेट ठेकेदारों की गुलामी में नहीं झोंकने देंगे।”
बिहार में कांग्रेस का सुर अब साफ़ है — यह लड़ाई केवल सत्ता परिवर्तन की नहीं, बल्कि सोच के परिवर्तन की है। बीजेपी-जेडीयू की ‘डबल इंजन सरकार’ अब ‘डबल ठगबंधन’ के नाम से जनता के बीच पहचानी जा रही है। सचिन पायलट के आंकड़ों ने सरकार की पोल खोली, रागिनी नायक के शब्दों ने उसकी नैतिकता को नंगा किया, और कर्नल चौधरी ने युवाओं के सपनों के हक की लड़ाई छेड़ दी।
कांग्रेस ने यह संदेश दे दिया है कि बिहार की जनता अब दिल्ली के इशारे पर चलने वाली सरकार नहीं, अपने अधिकारों के लिए जवाबदेह शासन चाहती है। जैसा रागिनी नायक ने कहा — “14 नवंबर को ठगबंधन का अंत तय है, क्योंकि बिहार अब जाग चुका है। यहां अब वोट नहीं बिकेगा, व्यवस्था बदलेगी।”





