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G7 में मोदी-ट्रंप की मुलाकात, डेढ़ साल बाद आमने-सामने आए दोनों नेता

विदेश | ABC NATIONAL NEWS | एवियन-ले-बैं, फ्रांस | 16 जून 2026

फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संक्षिप्त मुलाकात ने वैश्विक राजनीतिक हलकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। लगभग डेढ़ वर्ष बाद दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने की भेंट रही, जिसमें उन्होंने गर्मजोशी से अभिवादन किया और कुछ देर बातचीत भी की।

G7 सम्मेलन के पहले दिन फ्रांस के एवियन-ले-बैं में विश्व नेताओं के बीच आयोजित कार्यक्रमों के दौरान मोदी और ट्रंप एक-दूसरे से मिले। दोनों नेताओं की बातचीत को भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक राजनीति यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संकट और ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दों के इर्द-गिर्द घूम रही है।

प्रधानमंत्री मोदी G7 सम्मेलन में भाग लेने के लिए फ्रांस पहुंचे हैं। यह लगातार आठवां अवसर है जब भारत को G7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है। सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी वैश्विक दक्षिण (Global South) के देशों की चिंताओं, आर्थिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने वाले हैं।

उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सम्मेलन के दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर कड़ा रुख अपनाने के संकेत दिए। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका जल्द ही रूसी तेल पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों में दी गई छूट को समाप्त करने की स्थिति में होगा। उनका कहना था कि ईरान के साथ हुए समझौते के बाद वैश्विक तेल आपूर्ति की स्थिति बेहतर हुई है, जिससे रूस पर दबाव बढ़ाने के विकल्प मजबूत हुए हैं।

G7 नेताओं की बैठक में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की भी शामिल हुए। सम्मेलन में रूस पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने, यूक्रेन को समर्थन जारी रखने और युद्ध समाप्त करने के लिए मॉस्को पर दबाव बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। कनाडा और ब्रिटेन ने भी रूस के ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र को निशाना बनाते हुए नए प्रतिबंधों की घोषणा की है।

सम्मेलन की एक अन्य प्रमुख चर्चा अमेरिका-ईरान समझौते को लेकर भी रही। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ हुआ समझौता अब दूसरे चरण में प्रवेश कर रहा है और इससे पश्चिम एशिया में स्थिरता आने की उम्मीद है। हालांकि यूरोपीय देशों ने ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को लेकर अपनी चिंताएं भी व्यक्त की हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि मोदी और ट्रंप की यह मुलाकात भले ही औपचारिक और संक्षिप्त रही हो, लेकिन भारत-अमेरिका रणनीतिक संबंधों, व्यापार, रक्षा सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर भविष्य की बातचीत के लिए यह एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है। G7 सम्मेलन के आगामी सत्रों में दोनों नेताओं के बीच और चर्चा होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।

दुनिया की निगाहें G7 सम्मेलन पर टिकी हैं, जहां यूक्रेन युद्ध, रूस पर प्रतिबंध, पश्चिम एशिया की स्थिति, वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर लिए जाने वाले फैसले आने वाले महीनों की अंतरराष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।

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