राष्ट्रीय/व्यापार | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 24 मार्च 2026
पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने अब भारत की राजनीति और आम आदमी की चिंता दोनों को एक साथ हिला दिया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने सीधे प्रधानमंत्री Narendra Modi पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार की नीतियों ने देश की अर्थव्यवस्था की नींव को कमजोर कर दिया है और अब इसका सबसे बड़ा असर आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है। उनका साफ कहना है कि महंगाई का तूफान अब दरवाजे पर खड़ा है।
संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने बिना लाग-लपेट के कहा— “अभी शुरुआत हुई है। LPG, पेट्रोल और फर्टिलाइजर… सब चीज में प्रॉब्लम आएगी।” उनके मुताबिक, जो संकट पश्चिम एशिया में खड़ा हुआ है, वह सिर्फ अंतरराष्ट्रीय मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि इसका सीधा असर भारत के हर घर और हर खेत तक पहुंचेगा। उन्होंने चेताया कि रसोई गैस से लेकर खेती में इस्तेमाल होने वाली खाद तक सब महंगा होगा, जिससे सबसे ज्यादा मार गरीब और मध्यम वर्ग के आदमी पर पड़ेगी।
राहुल गांधी ने सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज भारत की कूटनीति संतुलित और मजबूत दिखने के बजाय व्यक्तिगत छवि तक सीमित हो गई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दुनिया भारत को गंभीरता से नहीं ले रही और यह स्थिति देश के लिए खतरनाक है। उनका आरोप है कि सरकार ने समय रहते सही फैसले नहीं लिए, जिसके कारण अब तेल और गैस की सप्लाई पर असर पड़ रहा है और भारत को महंगे दाम चुकाने पड़ेंगे।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कोविड के समय जो गलतियां हुई थीं, उनसे सरकार ने कोई सीख नहीं ली। आज फिर वही हालात बन रहे हैं, जहां आम आदमी को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ेगा। राहुल गांधी का कहना है कि जब अंतरराष्ट्रीय संकट आता है तो मजबूत नेतृत्व और संतुलित नीति की जरूरत होती है, लेकिन यहां सरकार उस स्तर पर खड़ी नहीं दिख रही।
राहुल गांधी के इस बयान में आम जनता की चिंता साफ झलकती है। उनका फोकस साफ है—अगर पेट्रोल-डीजल महंगा होगा, तो ट्रांसपोर्ट महंगा होगा; अगर गैस महंगी होगी, तो रसोई पर असर पड़ेगा; और अगर खाद महंगी होगी, तो खेती की लागत बढ़ेगी, जिसका असर पूरे बाजार पर दिखेगा। यानी यह सिर्फ एक आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि हर आदमी की जिंदगी से जुड़ा संकट बन सकता है।
दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में स्थिति को गंभीर बताते हुए भरोसा दिलाया है कि सरकार हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि तेल, गैस और उर्वरक की सप्लाई बनाए रखने के लिए अलग-अलग देशों से संपर्क किया जा रहा है और भारतीयों की सुरक्षा भी प्राथमिकता में है। सरकार का दावा है कि उसने पहले से तैयारी कर रखी है, जिससे इस संकट का असर कम किया जा सके।
लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है और अगर पश्चिम एशिया में तनाव लंबा खिंचता है, तो कीमतों में बढ़ोतरी लगभग तय मानी जा रही है। ऐसे में राहुल गांधी की चेतावनी को नजरअंदाज करना आसान नहीं है।
अब नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार हालात को कितनी तेजी और समझदारी से संभाल पाती है। लेकिन फिलहाल जो तस्वीर बन रही है, उसमें आम आदमी के लिए आने वाले दिन आसान नहीं दिख रहे—और यही बात राहुल गांधी बार-बार जोर देकर कह रहे हैं कि “अभी तो यह सिर्फ शुरुआत है।”




