राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 18 अगस्त 2026
आम आदमी पार्टी की गुजरात इकाई को सोशल मीडिया अकाउंट के मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को गुजरात AAP के Facebook और Instagram अकाउंट को बहाल करने का निर्देश दिया। यह आदेश पार्टी की ओर से दायर अंतरिम आवेदन पर सुनवाई के दौरान दिया गया। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने मामले पर सुनवाई करते हुए अकाउंट बहाल करने की अनुमति दी, हालांकि इसके साथ आपत्तिजनक सामग्री से जुड़ी शर्त भी रखी गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर इन सोशल मीडिया अकाउंट पर कोई आपत्तिजनक पोस्ट मौजूद है, तो उसे हटाना होगा। यानी अदालत ने अकाउंट बहाली का रास्ता तो खोल दिया है, लेकिन सोशल मीडिया पर पोस्ट की जाने वाली सामग्री को लेकर पार्टी की जिम्मेदारी भी तय की है। अदालत ने मुख्य मामले को फिलहाल दो सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। इसका मतलब यह है कि सोमवार का आदेश अंतिम फैसला नहीं है, बल्कि फिलहाल अंतरिम राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
गुजरात AAP के लिए यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि Facebook और Instagram जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आज राजनीतिक दलों के लिए सीधे जनता तक पहुंचने का बड़ा माध्यम बन चुके हैं। चुनावी संदेश, सरकार की नीतियों पर प्रतिक्रिया, स्थानीय मुद्दे, पार्टी के कार्यक्रम और कार्यकर्ताओं की गतिविधियां इन्हीं डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बड़े स्तर पर लोगों तक पहुंचती हैं। ऐसे में किसी राजनीतिक दल की आधिकारिक सोशल मीडिया मौजूदगी पर रोक या अकाउंट बंद होने का सीधा असर उसके डिजिटल प्रचार और जनसंपर्क अभियान पर पड़ सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के सोमवार के आदेश के बाद अब गुजरात AAP अपने दोनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल फिर से कर सकेगी। हालांकि पार्टी को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि अकाउंट पर ऐसी कोई सामग्री न रहे जिसे आपत्तिजनक माना गया हो। अदालत की ओर से लगाई गई यह शर्त सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर राजनीतिक अभिव्यक्ति और आपत्तिजनक सामग्री के बीच संतुलन के सवाल को भी सामने लाती है। राजनीतिक दलों के लिए यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि डिजिटल प्लेटफॉर्म अब राजनीतिक संवाद का प्रमुख माध्यम बन चुके हैं।
मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी। उस दौरान सुप्रीम कोर्ट पूरे विवाद के व्यापक पहलुओं पर सुनवाई कर सकता है। फिलहाल अदालत ने अंतरिम स्तर पर गुजरात AAP को उसके Facebook और Instagram अकाउंट वापस पाने का रास्ता साफ कर दिया है। अब आगे की सुनवाई में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मुख्य मामले में अदालत क्या रुख अपनाती है और सोशल मीडिया अकाउंट को लेकर अंतिम दिशा-निर्देश क्या सामने आते हैं।
यह आदेश ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर राजनीतिक सामग्री को लेकर लगातार बहस होती रही है। एक तरफ राजनीतिक दलों को अपनी बात जनता तक पहुंचाने और सरकार या विपक्ष पर सवाल उठाने के लिए डिजिटल मंचों की जरूरत है, तो दूसरी तरफ सोशल मीडिया कंपनियों और कानून-व्यवस्था से जुड़े संस्थानों के सामने आपत्तिजनक, भ्रामक या नियमों का उल्लंघन करने वाली सामग्री को नियंत्रित करने की चुनौती रहती है। गुजरात AAP का मामला इसी व्यापक बहस के बीच महत्वपूर्ण हो जाता है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद फिलहाल गुजरात AAP के लिए राहत की स्थिति है। अकाउंट बहाल होने से पार्टी अपने समर्थकों और आम लोगों तक फिर से सीधे पहुंच बना सकेगी। हालांकि दो सप्ताह बाद होने वाली सुनवाई इस मामले की आगे की दिशा तय करेगी। फिलहाल अदालत ने अकाउंट बहाल करने का निर्देश दिया है, लेकिन आपत्तिजनक पोस्ट हटाने की शर्त के साथ।




