एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 24 फरवरी 2026
C/O फ़ील्ड हटाने का फैसला और उसका मतलब
आधार कार्ड से जुड़े एड्रेस सेक्शन में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार अपडेट प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली C/O (केयर ऑफ) फ़ील्ड को हटा दिया है। पहले इस फ़ील्ड का उपयोग लोग अपने पिता, पति, अभिभावक या मकान मालिक के नाम को पते के साथ जोड़ने के लिए करते थे, जिससे कई बार पते में अतिरिक्त और गैर-जरूरी जानकारी शामिल हो जाती थी। UIDAI के इस फैसले का उद्देश्य एड्रेस रिकॉर्ड को सरल, स्पष्ट और अधिक सटीक बनाना है, ताकि पहचान से जुड़ी जानकारी सीधे व्यक्ति के पते पर केंद्रित रहे और अनावश्यक विवरण से बचा जा सके।
लोगों पर क्या पड़ेगा असर
इस बदलाव का आम आधार धारकों पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा, बल्कि एड्रेस अपडेट की प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान हो सकती है। जिन लोगों के आधार में पहले से C/O फ़ील्ड दर्ज है, उनके कार्ड पर मौजूद जानकारी वैध रहेगी और उन्हें तुरंत कोई बदलाव करने की जरूरत नहीं है। यह बदलाव मुख्य रूप से नए एड्रेस अपडेट और भविष्य में होने वाले संशोधनों पर लागू होगा। इससे सरकारी और निजी सेवाओं में पते के सत्यापन की प्रक्रिया भी ज्यादा स्पष्ट और सरल होने की उम्मीद है।
अब नए तरीके से एड्रेस कैसे अपडेट होगा
UIDAI ने C/O फ़ील्ड हटाने के साथ-साथ एड्रेस अपडेट के लिए Head of Family (HoF) आधारित विकल्प को अधिक महत्व दिया है। इस सुविधा के तहत परिवार का कोई सदस्य परिवार के मुखिया के पते का उपयोग करके अपना आधार एड्रेस अपडेट कर सकता है। इसके लिए परिवार के मुखिया की सहमति और रिश्ते से जुड़े प्रमाण की आवश्यकता होती है। इसके अलावा आधार धारक myAadhaar पोर्टल पर लॉगिन कर OTP के जरिए सत्यापन करके दस्तावेज अपलोड कर अपना पता ऑनलाइन अपडेट कर सकते हैं, जिससे लोगों को आधार केंद्र जाने की जरूरत कम हो जाती है।
बदलाव के पीछे UIDAI का उद्देश्य
UIDAI का मानना है कि आधार डेटा जितना सरल और सटीक होगा, सेवाओं का लाभ उतनी तेजी और आसानी से मिल सकेगा। C/O फ़ील्ड हटाने से डेटा की गुणवत्ता बेहतर होगी, डुप्लीकेट या भ्रमित करने वाली जानकारी कम होगी और डिजिटल सत्यापन की प्रक्रिया तेज होगी। इसके अलावा यह कदम आधार को एक व्यक्तिगत पहचान दस्तावेज के रूप में और मजबूत बनाता है, जिसमें केवल जरूरी जानकारी ही शामिल रहती है।
आधार अपडेट से जुड़े जरूरी सुझाव
विशेषज्ञों का कहना है कि आधार में पता अपडेट करते समय सही दस्तावेज अपलोड करना और दर्ज की गई जानकारी को ध्यान से जांचना बेहद जरूरी है। गलत जानकारी या अधूरे दस्तावेज के कारण आवेदन रिजेक्ट हो सकता है। साथ ही आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर सक्रिय रखना भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि OTP आधारित सत्यापन के बिना ऑनलाइन अपडेट प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकती।
सरल और साफ डेटा की ओर कदम
कुल मिलाकर C/O फ़ील्ड हटाने का फैसला आधार प्रणाली को अधिक सरल और व्यवस्थित बनाने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। इससे एड्रेस अपडेट की प्रक्रिया स्पष्ट होगी, डेटा की गुणवत्ता बेहतर होगी और पहचान से जुड़ी सेवाओं का उपयोग आसान बनेगा। आधार आज बैंकिंग, सरकारी योजनाओं और कई आवश्यक सेवाओं का आधार बन चुका है, इसलिए ऐसे बदलाव नागरिकों के लिए प्रक्रियाओं को अधिक सुविधाजनक और भरोसेमंद बनाने में मदद करते हैं।




