अंतरराष्ट्रीय डेस्क 9 दिसंबर 2025
सऊदी अरब और सीरिया के संबंधों में आए ऐतिहासिक बदलाव को एक बार फिर मजबूती देते हुए किंग सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने सोमवार को सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा को सीरिया के लिबरेशन डे की पहली वर्षगांठ पर औपचारिक बधाई संदेश भेजे। यह दिन—8 दिसंबर 2024—सीरिया के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ था, जब अल-शरा के नेतृत्व में सीरियाई बलों ने ईरान-समर्थित बशर अल-असद शासन को उखाड़ फेंका, और देश में पांच दशकों से भी अधिक समय से चल रहे असद परिवार के शासन का अंत कर दिया। यह सफलता केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं थी, बल्कि सीरिया के भविष्य को नया आकार देने वाली ऐतिहासिक घटना भी थी।
सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के अनुसार, किंग सलमान ने अल-शरा को भेजे अपने संदेश में सीरिया की स्वतंत्रता, स्थिरता और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया के लिए शुभकामनाएँ दीं। वहीं क्राउन प्रिंस MBS ने भी अलग संदेश भेजकर सीरिया की नई सरकार के साथ साझेदारी और सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह कदम दर्शाता है कि पिछले एक वर्ष में दोनों देशों के रिश्ते किस तरह गहरे और रणनीतिक स्तर पर पुनर्निर्मित हुए हैं—एक ऐसा संबंध जो लंबे समय तक तनाव, संघर्ष और भू-राजनीतिक विरोधाभासों से घिरा रहा था।
बशर अल-असद के पतन के बाद सऊदी अरब और सीरिया के संबंधों में उल्लेखनीय सुधार आया। फरवरी 2025 में राष्ट्रपति अल-शरा ने विदेश यात्रा के लिए सबसे पहले सऊदी अरब का चयन किया, जो दोनों देशों की नई साझेदारी की दिशा में एक बड़ा राजनीतिक संकेत था। इस यात्रा के दौरान व्यापक कूटनीतिक वार्ताओं ने मध्य पूर्व में बदलते समीकरणों को नई परिभाषा दी। इसके बाद मई में, MBS ने एक असाधारण कूटनीतिक उपलब्धि हासिल करते हुए तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीरिया पर लगे प्रतिबंध हटाने के लिए राज़ी किया, और फिर सीधा ट्रंप–अल-शरा बैठक को भी सऊदी धरती पर सफलतापूर्वक आयोजित कराया। इससे सीरिया के अंतरराष्ट्रीय पुनर्स्थापन को गहरी वैधता और समर्थन मिला।
सऊदी अरब ने न केवल राजनीतिक स्तर पर बल्कि आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में भी सीरिया के पुनर्निर्माण के लिए अपना समर्थन बढ़ाया। सऊदी सरकार ने $6.4 बिलियन के निवेश पैकेज की घोषणा की, जिसमें आधारभूत संरचना, ऊर्जा, आवास, और उद्यम विकास जैसे क्षेत्रों में बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। अल-शरा ने हाल ही में कहा था कि “सऊदी अरब ही वह कुंजी है जो सीरिया की अर्थव्यवस्था को नई शुरुआत दे सकती है” और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को आमंत्रित करते हुए उन्होंने सीरिया के पुनर्निर्माण में वैश्विक भागीदारी की अपील की।
असद शासन के बाद की सीरिया—और उसके साथ सऊदी के सुधरते संबंध—मध्य पूर्व में शक्ति-संतुलन, स्थिरता और क्षेत्रीय कूटनीति के लिए निर्णायक महत्व रखते हैं। सऊदी नेतृत्व के ये संदेश सिर्फ औपचारिकता नहीं बल्कि एक रणनीतिक संकेत हैं कि क्षेत्र में नया राजनीतिक परिदृश्य बन रहा है, जिसमें सहयोग, निवेश और पुनर्निर्माण प्रमुख भूमिका निभाएँगे।
सीरिया की स्वतंत्रता की यह वर्षगांठ इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उस नए युग का प्रतीक है जिसमें वर्षों के संघर्ष के बाद देश अपने भविष्य को स्वयं आकार दे रहा है—और सऊदी अरब इस परिवर्तन का एक प्रमुख सहयोगी बनकर उभर रहा है।




