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भोपाल में खरगे की किसान महाचौपाल: ट्रेड डील, किसानों की आय और स्वाभिमान पर उठे सवाल

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एबीसी नेशनल न्यूज | भोपाल | 24 फरवरी 2026

किसानों की आय और फसल के दाम का मुद्दा प्रमुख

भोपाल में आयोजित कांग्रेस की किसान महाचौपाल में कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने किसानों की आय और फसल के उचित मूल्य को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश के किसान लगातार मेहनत कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अपनी उपज का संतोषजनक मूल्य नहीं मिल पा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवार आर्थिक दबाव महसूस कर रहे हैं। खरगे ने कहा कि लागत में बढ़ोतरी, बाजार की अनिश्चितता और आयात की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। उनके अनुसार यदि विदेशी कृषि उत्पाद कम कीमत पर बाजार में आते हैं तो घरेलू किसानों की प्रतिस्पर्धा और कठिन हो सकती है।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर चिंता जताई

सभा के दौरान खरगे ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते का असर सबसे पहले किसानों और छोटे उद्योगों पर दिखाई देता है, इसलिए ऐसे निर्णयों में व्यापक चर्चा और संतुलन जरूरी है। खरगे ने कहा कि यदि समझौते की शर्तें घरेलू उत्पादन के अनुकूल नहीं रहीं तो कृषि क्षेत्र और छोटे कारोबार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस किसानों की आजीविका और बाजार सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने की मांग करती रहेगी।

आर्थिक स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता पर जोर

खरगे ने आर्थिक नीतियों के संदर्भ में आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की नीतियां ऐसी होनी चाहिए जो घरेलू उत्पादन, रोजगार और उद्योगों को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि वैश्विक सहयोग महत्वपूर्ण है, लेकिन उसके साथ-साथ ऊर्जा सुरक्षा, कृषि स्थिरता और रोजगार अवसरों की रक्षा भी जरूरी है। खरगे के अनुसार संतुलित आर्थिक नीति से ही किसानों और उद्योगों को स्थिरता मिल सकती है।

मनरेगा और ग्रामीण योजनाओं का मुद्दा उठाया

कांग्रेस अध्यक्ष ने ग्रामीण रोजगार योजनाओं, विशेष रूप से मनरेगा, का उल्लेख करते हुए कहा कि ये योजनाएं गांवों में आय और रोजगार का महत्वपूर्ण सहारा हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण गरीबों और छोटे किसानों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का मजबूत रहना आवश्यक है, ताकि आर्थिक असमानता कम हो सके और गांवों में रोजगार के अवसर बने रहें। खरगे ने इन योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने और संसाधन बढ़ाने की जरूरत बताई।

लोकतंत्र और विपक्ष की भूमिका पर बात

अपने संबोधन में खरगे ने लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार से सवाल पूछना और जनता की आवाज उठाना जरूरी प्रक्रिया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किसानों और आम नागरिकों के मुद्दों को सामने लाते रहें तथा संविधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।

सरकार का पक्ष और बहस जारी

सत्तारूढ़ पक्ष के नेताओं का कहना है कि सरकार की नीतियां किसानों की आय बढ़ाने, कृषि ढांचे को मजबूत करने और वैश्विक व्यापार अवसरों का लाभ दिलाने पर केंद्रित हैं। उनका तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग से निवेश, तकनीक और निर्यात के नए अवसर पैदा होते हैं, जिनका लाभ किसानों और उद्योगों तक पहुंचता है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार किसानों, व्यापार समझौतों और ग्रामीण रोजगार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा आगे भी जारी रहने की संभावना है, क्योंकि ये विषय व्यापक जनसमूह को प्रभावित करते हैं।

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