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जोंटी रोड्स: 2027 वर्ल्ड कप में भी कोहली और रोहित की जरूरत, अनुभव और मानसिक मजबूती सबसे बड़ी ताकत

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एबीसी डेस्क 24 नवंबर 2025

भारत में क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, भावनाओं का समुद्र है। हर जीत पर दिल झूमता है और हर हार पर पूरा देश बेचैन हो उठता है। इसी बीच दक्षिण अफ्रीका के महान फील्डर और दुनिया भर में क्रिकेट समझ के लिए सम्मानित नाम जोंटी रोड्स ने विराट कोहली और रोहित शर्मा को लेकर एक बड़ा और भावुक बयान दिया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या 2027 वर्ल्ड कप में भी ये दोनों दिग्गज खेलेंगे या उन्हें अब संन्यास ले लेना चाहिए, तो उन्होंने बेहद स्पष्ट और सम्मानजनक जवाब दिया—“ये फैसला किसी और का नहीं, सिर्फ उनका है। जब तक वे रन बना रहे हैं, आपको उन्हें चुनना ही पड़ेगा।”

जोंटी ने कहा कि यह सवाल पहले भी उठ चुका है—सचिन तेंदुलकर के समय, महेंद्र सिंह धोनी के समय—जब महान खिलाड़ी अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर पहुँचते हैं तो लोग यह बहस करने लगते हैं कि अब उन्हें हट जाना चाहिए या खेलते रहना चाहिए। लेकिन रोड्स के अनुसार, ऐसे खिलाड़ियों को रिटायरमेंट बताकर बाहर करने का अधिकार किसी के पास नहीं है। उन्होंने कहा, “अगर खिलाड़ी लगातार प्रदर्शन कर रहा है, टीम के लिए रन बना रहा है और मैच जिता रहा है, तो उसे क्यों रोका जाए?” उनके इस बयान ने पूरी बहस को नया रूप दे दिया है।

जोंटी रोड्स ने सिर्फ प्रदर्शन की नहीं, बल्कि अनुभव और मानसिक ताकत की भी अहमियत बताई। उनके अनुसार वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट सिर्फ बल्लेबाजी-बॉलिंग के आंकड़ों से नहीं जीते जाते, बल्कि खिलाड़ी के दिमाग और दिल की मजबूती से जीते जाते हैं। उन्होंने कहा, “वर्ल्ड कप में सिर्फ टैलेंट काफी नहीं होता। वहां दबाव, उम्मीदें और करो या मरो जैसी स्थितियाँ होती हैं। विराट और रोहित के पास वह मानसिक ताकत भरपूर है, जो बड़े मंच पर टीम को संभाल सकती है।” उनकी इस टिप्पणी ने यह साफ कर दिया कि रोड्स इन दोनों खिलाड़ियों को सिर्फ रन मशीन नहीं, बल्कि टीम की रीढ़ मानते हैं।

जोंटी का यह बयान उन लाखों भारतीय फैंस के दिलों को छू गया है, जो अभी भी कोहली और रोहित को देश की सबसे बड़ी उम्मीद मानते हैं। भारत ने कई बार देखा है कि मुश्किल स्थिति में, जब टीम लड़खड़ा रही होती है, तभी यही दोनों खिलाड़ी सामने आकर मैच को हाथ से निकलने नहीं देते। चाहे कोहली की chase master वाली पारियां हों या रोहित के बड़े टूर्नामेंट वाले धमाकेदार शतक—उनकी मौजूदगी विरोधियों के लिए डर और भारतीयों के लिए भरोसा बन जाती है।

रोड्स के बयान का सबसे भावुक हिस्सा यह था कि उन्होंने कहा—“ऐसे खिलाड़ी सिर्फ प्रदर्शन नहीं करते, वे टीम को दिशा और आत्मविश्वास देते हैं।” उनका विश्वास है कि 2027 वर्ल्ड कप में भी अगर कोहली और रोहित फिट रहे और रन बनाते रहे, तो भारत को उनकी जरूरत जरूर पड़ेगी। क्योंकि उनके पास वह अनुभव है जो नई पीढ़ी को मार्ग दिखा सकता है और बड़े मौकों पर घबराहट को जीत में बदल सकता है।

इस बयान के बाद क्रिकेट जगत में फिर से चर्चा छिड़ गई है। क्या वाकई 2027 में भी कोहली और रोहित खेलेंगे? क्या वे वही ऊर्जा और प्रदर्शन बनाए रखेंगे? इसका जवाब समय देगा, लेकिन एक बात साफ है—दुनिया का सबसे सम्मानित क्रिकेट दिमाग भी मानता है कि ये दोनों अभी खत्म नहीं हुए हैं। उनके अंदर अब भी वह आग है, वह जुनून है, और सबसे बड़ी बात—वह मानसिक ताकत है, जो वर्ल्ड कप जैसी जंग में किसी भी टीम की सबसे बड़ी हथियार बन सकती है।

फिलहाल जोंटी रोड्स का यह बयान भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए उम्मीद की नई किरण है, और उन दो दिग्गजों के लिए बड़ा सम्मान, जिन्होंने दो दशक से देश को अनगिनत खुशियाँ दी हैं।

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