अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | 6 अप्रैल 2026
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने साफ कर दिया है कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य, अब कभी अपने पुराने स्वरूप में नहीं लौटेगा। IRGC नौसेना ने बयान जारी करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में “रणनीतिक बदलाव स्थायी हो चुके हैं” और खास तौर पर अमेरिका और इज़रायल के लिए हालात पहले जैसे नहीं रहेंगे। ईरान का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और इज़रायल के साथ जारी सैन्य टकराव ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है। फरवरी के अंत में हुए हमलों के बाद ईरान ने इस अहम जलमार्ग पर नियंत्रण कड़ा कर दिया था, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ा है। यह जलडमरूमध्य दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल व्यापार का प्रमुख रास्ता माना जाता है।
IRGC ने संकेत दिया है कि फारस की खाड़ी में एक “नया सुरक्षा ढांचा” तैयार किया जा रहा है, जिसके तहत जहाजों की आवाजाही अब पहले जैसी स्वतंत्र नहीं होगी। मौजूदा हालात में केवल सीमित संख्या में जहाजों को ही अनुमति दी जा रही है और उन्हें भी ईरान के निर्देशों का पालन करना पड़ रहा है।
दूसरी ओर, इस संकट ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को झकझोर दिया है। तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया है और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। खाड़ी क्षेत्र के कुछ देशों को वैकल्पिक रास्तों का लाभ मिल रहा है, जबकि कई देश भारी नुकसान झेल रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ती जा रही है। कई देशों ने इस मार्ग को सुरक्षित और खुला रखने की मांग की है, जबकि कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। हालांकि, ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी अस्थायी समझौते के बदले इस जलमार्ग को पूरी तरह खोलने के पक्ष में नहीं है।
मौजूदा हालात यह संकेत दे रहे हैं कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य अब सिर्फ एक समुद्री रास्ता नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन का केंद्र बन चुका है—जहां आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ सकता है।




