एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 12 मार्च 2026
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर ईरान ने सख्त रुख अपनाया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नेवी के कमांडर ने साफ कहा है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले किसी भी जहाज को ईरान से अनुमति लेनी होगी।
कमांडर ने चेतावनी देते हुए कहा, “होर्मुज जलडमरूमध्य से बिना हमारी परमिशन के कोई भी जहाज नहीं गुजर सकता। जो भी इस रास्ते से गुजरना चाहता है, उसे ईरान से अनुमति लेनी होगी।”
यह बयान ऐसे समय आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में एक थाईलैंड से जुड़े मालवाहक जहाज पर हमला हुआ है। रिपोर्टों के मुताबिक यह जहाज अरब सागर के रास्ते भारत के गुजरात तट की ओर आ रहा था। घटना के बाद क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
भारत सरकार ने इस हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसकी निंदा की है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा और स्वतंत्र आवाजाही को बाधित करना वैश्विक व्यापार और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है।
विशेषज्ञों के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाले इस मार्ग से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। भारत, चीन, जापान और यूरोप के कई देशों के जहाज इसी रास्ते से ऊर्जा संसाधन लेकर जाते हैं।
ईरान इस मार्ग पर इसी तरह सख्ती बढ़ाता है तो इसका असर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय और समुद्री सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।




