एबीसी नेशनल न्यूज | हेग | 24 फरवरी 2026
Rob Jetten ने Netherlands के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेकर इतिहास रच दिया है। वह देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री बनने के साथ-साथ पहले ऐसे नेता भी बन गए हैं जिन्होंने खुले तौर पर समलैंगिक होने के बावजूद शीर्ष पद संभाला है। अल्पमत (माइनॉरिटी) सरकार के गठन के बाद हुए शपथ ग्रहण समारोह में जेटन ने राजनीतिक स्थिरता, आर्थिक सुधार और सामाजिक समानता को अपनी सरकार की प्राथमिकताओं में बताया। उनके नेतृत्व में बनी नई सरकार को संसद में सहयोगी दलों के समर्थन से सत्ता मिली है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार जेटन का प्रधानमंत्री बनना यूरोप की उदार और समावेशी राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। उन्होंने अपने पहले संबोधन में कहा कि उनकी सरकार जलवायु नीति, ऊर्जा परिवर्तन, आवास संकट और आर्थिक प्रतिस्पर्धा जैसे मुद्दों पर तेज़ी से काम करेगी।
जेटन लंबे समय से प्रगतिशील राजनीति और एलजीबीटीक्यू अधिकारों के समर्थक रहे हैं। उनके प्रधानमंत्री बनने को सामाजिक विविधता और प्रतिनिधित्व के लिहाज से एक ऐतिहासिक क्षण के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि अल्पमत सरकार होने के कारण उन्हें संसद में कानून पारित कराने और नीतिगत फैसलों के लिए विपक्ष तथा सहयोगी दलों के साथ लगातार सहमति बनानी होगी, जो उनके सामने सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती मानी जा रही है।
रॉब जेटन का उदय यूरोपीय राजनीति में नई पीढ़ी के नेतृत्व, सामाजिक उदारता और गठबंधन आधारित शासन मॉडल की बढ़ती अहमियत को दर्शाता है।




