सुमन कुमार | नई दिल्ली 18 दिसंबर 2025
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मनरेगा को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मनरेगा का नाम बदलने की बात नहीं है, दुनिया की सबसे बड़ी रोज़गार योजना को सोच-समझकर खत्म किया जा रहा है। खड़गे का कहना है कि सरकार गरीब लोगों से वह हक छीन रही है, जो उन्हें कानून के जरिए मिला था।
खड़गे ने कहा कि मनरेगा एक ऐसी योजना थी, जिसमें गरीब आदमी काम मांगता था और सरकार को काम देना पड़ता था। यह उसका कानूनी अधिकार था। लेकिन नए कानून में यह अधिकार ही खत्म कर दिया गया है। अब सरकार जब चाहेगी तब काम देगी और जब मन नहीं होगा तो यह कहकर मना कर देगी कि “अभी काम की मांग नहीं है।” खड़गे ने कहा कि इससे गरीब मजदूर पूरी तरह सरकार की मर्जी पर निर्भर हो जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यह बदलाव सबसे ज़्यादा दलितों, पिछड़े वर्गों और गरीब परिवारों को नुकसान पहुंचाएगा। मनरेगा ने इन लोगों को काम ही नहीं, बल्कि सम्मान के साथ जीने का सहारा दिया था। अब उसी सहारे को छीना जा रहा है। खड़गे के मुताबिक यह सीधा-सीधा गरीबों के अधिकारों पर हमला है।
खड़गे ने साफ कहा कि कांग्रेस इस फैसले को चुपचाप स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी हर राज्य और हर ज़िले में लोगों के अधिकारों के लिए आवाज़ उठाएगी। यह लड़ाई सिर्फ महात्मा गांधी के नाम की नहीं है, बल्कि उस अधिकार की है, जिससे करोड़ों गरीब परिवारों का पेट चलता है।
अपने बयान के अंत में खड़गे ने कहा कि मनरेगा को कमजोर करना मतलब गरीबों की आवाज़ को कमजोर करना है। कांग्रेस इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी, क्योंकि यह लड़ाई सत्ता की नहीं, बल्कि गरीब आदमी के हक और सम्मान की लड़ाई है।




