खेल | समा मेहरा | ABC NATIONAL NEWS | मुल्लांपुर | 30 मई 2026
आईपीएल 2026 के दूसरे क्वालीफायर में राजस्थान रॉयल्स का फाइनल खेलने का सपना एक छोटी सी चूक की भेंट चढ़ गया। वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक 96 रन की पारी और 214 रन के विशाल स्कोर के बावजूद राजस्थान रॉयल्स गुजरात टाइटंस को रोकने में नाकाम रही। शुभमन गिल के ऐतिहासिक शतक और साई सुदर्शन के अर्धशतक की बदौलत गुजरात ने 215 रन का लक्ष्य 19वें ओवर में ही हासिल कर लिया और सात विकेट से शानदार जीत दर्ज करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया। मैच का सबसे निर्णायक क्षण चौथे ओवर की पहली गेंद पर आया, जब राजस्थान के फील्डर डोनोवन फरेरा ने साई सुदर्शन का आसान कैच छोड़ दिया। उस समय सुदर्शन शुरुआती दौर में थे और गुजरात दबाव में आ सकती थी। लेकिन यह एक गलती राजस्थान पर इतनी भारी पड़ी कि पूरा मैच हाथ से निकल गया। कैच छूटने के बाद सुदर्शन और कप्तान शुभमन गिल ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए राजस्थान के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं।
दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 160 से अधिक रनों की साझेदारी कर मैच को लगभग एकतरफा बना दिया। साई सुदर्शन ने मात्र 32 गेंदों में 58 रन बनाए जबकि शुभमन गिल ने कप्तानी पारी खेलते हुए शानदार शतक जड़ा। इस शतक के साथ गिल आईपीएल प्लेऑफ इतिहास में शतक लगाने वाले पहले कप्तान भी बन गए। राजस्थान के गेंदबाज पूरे मुकाबले में बेबस नजर आए और किसी भी समय गुजरात के बल्लेबाजों पर दबाव नहीं बना सके।
इससे पहले राजस्थान रॉयल्स ने वैभव सूर्यवंशी की तूफानी बल्लेबाजी के दम पर 20 ओवर में 214 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। सूर्यवंशी शतक से मात्र चार रन दूर रह गए और 96 रन की यादगार पारी खेली। उनके अलावा डोनोवन फरेरा ने भी आक्रामक बल्लेबाजी कर टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में योगदान दिया। लेकिन क्रिकेट में केवल रन बनाना ही काफी नहीं होता, फील्डिंग और गेंदबाजी में हुई छोटी-सी गलती भी पूरे अभियान को खत्म कर सकती है।
राजस्थान रॉयल्स के लिए यह हार बेहद दर्दनाक रही क्योंकि एक समय टीम फाइनल की दावेदार मानी जा रही थी। वहीं गुजरात टाइटंस ने दबाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए साबित कर दिया कि बड़े मैचों में अनुभव और आत्मविश्वास कितना महत्वपूर्ण होता है। अब गुजरात टाइटंस का सामना 31 मई को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से होगा, जहां आईपीएल 2026 का नया चैंपियन तय होगा।
राजस्थान के लिए यह मुकाबला हमेशा उस एक छूटे हुए कैच की वजह से याद किया जाएगा, जिसने पूरे सीजन की मेहनत पर पानी फेर दिया।




