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“युद्धभूमि से कैद तक: 444 दिनों से लापता मेजर विक्रांत… सेलिना जेटली की पुकार, सरकार पर सवाल तेज़!”

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मेजर विक्रांत जेटली: बॉलीवुड स्टार की पोस्ट ने खोला दर्दनाक सच

भारतीय सेना के जांबाज़ अधिकारी मेजर विक्रांत कुमार जेटली के लापता होने की जानकारी सबसे पहले उनकी बहन और बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री सेलिना जेटली ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘X’ पर साझा की। भावनाओं से भरी इस पोस्ट के साथ सेलिना ने अपने भाई के साथ खिंची एक पुरानी तस्वीर भी साझा की, जिसमें दोनों बेहद करीब और खुश नज़र आ रहे हैं। यही तस्वीर अब देशभर में एक प्रतीक बन गई है—एक बहन की चीख, एक सैनिक की गुमशुदगी और एक परिवार का बिखरता साहस।

सेलिना ने लिखा कि उनके भाई को मिडल ईस्ट के किसी देश में 1 साल, 2 महीने और 17 दिन पहले अगवा कर लिया गया था। कुल 444 दिन बीत चुके हैं और परिवार को न तो उनकी कोई खबर मिली है और न ही किसी आधिकारिक एजेंसी से ठोस जवाब। उन्होंने बताया कि मेजर विक्रांत को पहले आठ महीनों तक पूरी तरह से दुनिया से काटकर रखा गया, किसी भी संपर्क से दूर, और उसके बाद से अब तक उन्हें गुप्त हिरासत में रखा गया है। इस लंबी ख़ामोशी ने परिवार की उम्मीदों और डर—दोनों को चरम पर पहुँचा दिया है।

अंतिम कॉल की टीस: दर्द, डर और अनकही सच्चाई

सेलिना ने अपने पोस्ट में उस आख़िरी फ़ोन कॉल का भी ज़िक्र किया, जिसे मेजर विक्रांत ने शायद बड़ी मुश्किल से किया था। वह कॉल उनके पास मौजूद एकमात्र याद नंबर पर किया गया—एक कॉल जिसमें शब्द कम थे, लेकिन दर्द और सच्चाई अपार। सेलिना ने लिखा कि उस कॉल में जो उन्होंने समझा, वह दुनिया शायद स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।

उनका कहना है कि विक्रांत अपनी ड्यूटी के दौरान कई गंभीर चोटों और मानसिक तनाव से पहले ही जूझ रहे थे, और अब उनकी हालत की कल्पना मात्र से भय पैदा होता है। वह लिखती हैं, “मैं डरती हूँ कि उनके साथ क्या किया गया होगा… क्योंकि मैं जानती हूँ वह कौन थे जब वे पूरी तरह स्वस्थ थे, और मैं जानती हूँ कि उन्होंने उस कॉल में क्या बताने की कोशिश की थी।”

सैनिक विदेश में निशाना? राष्ट्रीय सुरक्षा पर बड़ा सवाल

सेलिना ने यह मुद्दा सिर्फ व्यक्तिगत नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर प्रश्न की तरह उठाया है। उनका कहना है कि जैसे-जैसे भारत वैश्विक मंच पर मज़बूत हो रहा है, भारतीय सैनिक और पूर्व सैनिक विदेशों में ‘आसान टारगेट’ बनाए जा रहे हैं। उन्होंने पूछा—क्या यह पैटर्न भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को ख़तरे में डाल रहा है? क्या हमारे सैनिक विदेश में सुरक्षित नहीं हैं?

उन्होंने सरकार से वही तेज़ और निर्णायक कार्रवाई की उम्मीद जताई है जैसी क़तर में फँसे नौसेना अधिकारियों को वापस लाने के दौरान की गई थी। उनके शब्दों में—“हमारे नौसैनिकों को घर वापस लाया गया, अब हमारे सैनिक को भी वापस लाया जाए। किसी भारतीय सैनिक के जीवन का मूल्य कम नहीं है।”

परिवार का संकल्प: “मैं नहीं रुकूंगी, मैं नहीं हारूंगी”

सेलिना कहती हैं कि अपने भाई की तलाश में उन्होंने सब कुछ खो दिया, लेकिन वह तब तक संघर्ष नहीं छोड़ेंगी जब तक मेजर विक्रांत भारत की मिट्टी पर वापस नहीं लौट आते। उन्होंने अपने दिवंगत पिता कर्नल वी. के. जेटली (SM) के शब्द याद करते हुए लिखा—“अगर किसी सैनिक का सम्मान करना है, तो ऐसा भारतीय बनो जिसके लिए वह जान देने को तैयार हो।”

कांग्रेस का हमला: सरकार की नाकामी उजागर

इसी बीच कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सेलिना जेटली की पोस्ट सरकार की विफलता और उसके इक़बाल पर करारा प्रहार है। उनके अनुसार कथित ‘विश्वगुरु’ बनने का दावा करने वाली सरकार एक बहादुर भारतीय मेजर का पता लगाने में असमर्थ साबित हो रही है। राजपूत ने कहा, “444 दिनों बाद भी सरकार कुछ नहीं कर पाई है। यह शर्मनाक स्थिति है। हम सेलिना के दुख के साथ हैं।”

सोशल मीडिया पर आक्रोश: “Bring Our Soldier Back” अभियान तेज़

सोशल मीडिया पर हजारों लोग सेलिना के समर्थन में खड़े हो गए हैं। अभिनेता, सैन्य समुदाय, आम नागरिक—सब एक स्वर में कह रहे हैं कि इस मुद्दे को भुलाया नहीं जाना चाहिए। देश में अभियान तेज़ हो रहा है—Bring Our Soldier Back. लोग सवाल उठा रहे हैं—क्या भारत अपने सैनिकों को सुरक्षित घर लाने में सक्षम है? या फिर यह मामला भी राजनीति और समय की धूल में दब जाएगा?

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