राष्ट्रीय / पश्चिम बंगाल | साजिद अली | ABC NATIONAL NEWS | कोलकाता | 27 अप्रैल 2026
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर चुनावी मंच से दिया गया भाषण चर्चा का केंद्र बन गया है। तृणमूल कांग्रेस की सांसद सायोनी घोष का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह विभिन्न धर्मों के मंत्र और प्रार्थनाएं पढ़ती नजर आ रही हैं। यह भाषण भवानीपुर में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान दिया गया, जहां उन्होंने देश की विविधता और एकता पर जोर दिया।
अपने संबोधन में सायोनी घोष ने भवानीपुर को “मिनी इंडिया” बताते हुए कहा कि यहां अलग-अलग धर्मों, भाषाओं और संस्कृतियों के लोग एक साथ रहते हैं और यही भारत की असली ताकत है। उन्होंने कहा कि देश की पहचान उसकी विविधता में है और इसे बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उनके इस बयान को रैली में मौजूद लोगों ने तालियों के साथ सराहा।
भाषण के दौरान उन्होंने विभिन्न धर्मों से जुड़े मंत्र और प्रार्थनाएं भी पढ़ीं। उन्होंने संस्कृत का प्रसिद्ध मंत्र “या देवी सर्वभूतेषु” का पाठ किया, इस्लाम का कलमा “ला इलाहा इल्लल्लाह” दोहराया, सिख धर्म का “इक ओंकार” गाया और हनुमान चालीसा की पंक्तियां भी सुनाईं। इस तरह उन्होंने एक मंच से अलग-अलग धार्मिक परंपराओं को जोड़ने की कोशिश की और भाईचारे का संदेश दिया।
इस मौके पर सायोनी घोष ने भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि वह समाज को धर्म के आधार पर बांटने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि जहां लोग सदियों से मिल-जुलकर रहते आए हैं, वहां विभाजन की सोच देशहित में नहीं है। उन्होंने “हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई—हम सब एक हैं” का संदेश देते हुए लोगों से एकता बनाए रखने की अपील की।
इस भाषण को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। जहां समर्थक इसे सामाजिक सौहार्द और एकता का प्रतीक बता रहे हैं, वहीं विरोधी इसे चुनावी रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों के बीच बहस जारी है।




