अंतरराष्ट्रीय डेस्क 14 दिसंबर 2025
अमेरिका के रोड आइलैंड राज्य में स्थित प्रतिष्ठित ब्राउन यूनिवर्सिटी उस समय गोलियों की आवाज़ से दहल उठी, जब कैंपस के अंदर अचानक एक अज्ञात हमलावर ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। यह घटना स्थानीय समय के अनुसार दोपहर के वक्त हुई, जब विश्वविद्यालय में कक्षाएं और परीक्षाओं की तैयारियां चल रही थीं। अचानक हुई इस गोलीबारी से पूरे कैंपस में अफरा-तफरी मच गई और छात्रों व स्टाफ को अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा। इस घटना को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने “बेहद दुखद और शर्मनाक घटना” बताते हुए कहा कि अमेरिका में एक बार फिर निर्दोष लोगों का खून बहा है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। ट्रंप ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं देश की आंतरिक सुरक्षा और गन वायलेंस पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, इस फायरिंग में अब तक कम से कम दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को तुरंत पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है। मृतकों और घायलों की पहचान फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि इनमें विश्वविद्यालय समुदाय से जुड़े लोग भी शामिल हैं।
घटना की सूचना मिलते ही कैंपस को तुरंत लॉकडाउन कर दिया गया। स्थानीय पुलिस, स्टेट ट्रूपर्स और फेडरल एजेंसियों ने मोर्चा संभाल लिया। छात्रों को इमारतों के अंदर सुरक्षित स्थानों पर रहने के निर्देश दिए गए और अभिभावकों से कहा गया कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। कई छात्रों ने बताया कि उन्होंने घंटों तक कक्षाओं और लाइब्रेरी में छिपकर समय बिताया, जबकि बाहर सायरन और हेलिकॉप्टरों की आवाजें गूंजती रहीं।
पुलिस के अनुसार, हमलावर की तलाश जारी है और पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह साफ नहीं हो पाया है कि गोलीबारी के पीछे मकसद क्या था और हमलावर किसी अकेले साजिशकर्ता का हिस्सा था या नहीं। जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज, चश्मदीदों के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।
ब्राउन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि यह विश्वविद्यालय के इतिहास का सबसे दुखद दिन है। छात्रों और कर्मचारियों के लिए काउंसलिंग सेवाएं शुरू कर दी गई हैं और आने वाले कुछ दिनों तक शैक्षणिक गतिविधियां स्थगित रहने की संभावना है। वहीं, स्थानीय समुदाय और मानवाधिकार संगठनों ने एक बार फिर अमेरिका में बंदूक हिंसा पर सख्त कानूनों की मांग तेज कर दी है। जांच जारी है और अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और जानकारी साझा की जाएगी। इस बीच, ब्राउन यूनिवर्सिटी का कैंपस शोक, डर और अनिश्चितता के माहौल में है, जहां हर कोई एक ही सवाल पूछ रहा है—आखिर ऐसी त्रासद घटनाओं पर कब लगेगी लगाम?




