जनवरी 2025 में गुजरात ने डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग लगाई। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) और टेलीकॉम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2024 से अप्रैल 2025 की अवधि में कुल 8.3 लाख नए मोबाइल सब्सक्राइबर गुजरात में जुड़े, जिनमें से केवल जनवरी 2025 में ही 2.2 लाख उपयोगकर्ताओं की वृद्धि दर्ज की गई।
इस वृद्धि का सबसे बड़ा योगदान रिलायंस जियो का रहा, जिसने जनवरी 2025 के भीतर अकेले 3.36 लाख नए ग्राहक जोड़े। यह संख्या दर्शाती है कि न केवल जियो की सेवा योजनाएं प्रभावी साबित हो रही हैं, बल्कि कंपनी ने ग्रामीण क्षेत्रों में भी अपनी नेटवर्क पहुंच मजबूत की है। जियो के बाद एयरटेल और VI (Vodafone Idea) ने भी क्रमशः 1.1 लाख और 0.6 लाख उपयोगकर्ताओं को जोड़ा।
टेलीकॉम कंपनियों के इस मजबूत प्रदर्शन के पीछे मुख्य वजह मानी जा रही है:
1. कम लागत वाले डाटा प्लान्स और तेज़ 4G–5G नेटवर्क
2. ग्राम पंचायतों तक फाइबर ऑप्टिक विस्तार
3. सरकार की डिजिटल इंडिया पहल के तहत चल रहे प्रोत्साहन कार्यक्रम
4. ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं और डिजिटल बैंकिंग को ग्रामीणों द्वारा तेजी से अपनाना
राज्य सरकार के डिजिटल विकास अधिकारियों का मानना है कि इस ट्रेंड से न केवल ई-गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार हुआ है, बल्कि रोज़गार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच भी लोगों तक बेहतर तरीके से पहुंची है। विशेष रूप से कृषि, लघु उद्योग और स्वरोजगार के क्षेत्रों में स्मार्टफोन की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
यह उछाल इस बात का भी संकेत है कि डिजिटल अर्थव्यवस्था अब सिर्फ महानगरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि गुजरात के छोटे कस्बे और गांव भी डिजिटल युग के सक्रिय भागीदार बनते जा रहे हैं।
टेलीकॉम मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “गुजरात की तेज़ डिजिटल स्वीकार्यता नीति और स्थानीय प्रशासन का समर्थन इस वृद्धि के मूल कारण हैं। यह आने वाले समय में 5G तकनीक और स्मार्ट गवर्नेंस मॉडल्स के लिए रास्ता साफ करेगा।”
जनवरी 2025 में गुजरात ने यह साबित कर दिया कि यदि तकनीक, नीति और सेवा प्रदाता साथ मिलें, तो डिजिटल समावेशिता केवल एक सपना नहीं, बल्कि तेज़ी से बदलती हकीकत बन सकती है।




