सुमन कुमार | नई दिल्ली | 12 जनवरी 2026
दिल्ली हाईकोर्ट ने अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल अंबानी को बड़ी राहत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) के बैंक खाते में कथित वित्तीय गड़बड़ी से जुड़े मामले में जारी नोटिस पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि शुरुआती स्तर पर ऐसा कोई ठोस आधार नहीं है, जिससे जांच एजेंसियों की कार्रवाई में दखल दिया जाए। यह मामला RHFL के बैंक खातों से जुड़े लेन-देन में नियमों की अनदेखी और संभावित धोखाधड़ी के आरोपों से जुड़ा है। अदालत के इस रुख से यह साफ संदेश गया कि कानून के सामने किसी का नाम, पद या रसूख मायने नहीं रखता—अहमियत सिर्फ तथ्यों और निष्पक्ष जांच की होती है। हाईकोर्ट ने माना कि जांच जारी रहते हुए नोटिस पर रोक लगाना सच्चाई तक पहुंचने की प्रक्रिया को बाधित कर सकता है।
सुनवाई के दौरान जय अनमोल अंबानी की ओर से दलील दी गई कि उनके खिलाफ जारी नोटिस अनुचित है और इससे उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने अदालत से अंतरिम राहत देते हुए नोटिस पर रोक लगाने की मांग की। हालांकि, अदालत ने यह कहते हुए दलीलों को स्वीकार नहीं किया कि जांच एजेंसियों को अपना वैधानिक कर्तव्य निभाने से नहीं रोका जा सकता।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति को नोटिस जारी होना दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं होता। यह महज जांच प्रक्रिया का हिस्सा है। अदालत का हस्तक्षेप ऐसे मामलों में तभी जरूरी होता है, जब प्रथम दृष्टया कानून के दुरुपयोग के स्पष्ट संकेत हों—जो फिलहाल इस मामले में नजर नहीं आते।
इस फैसले के बाद अब जांच एजेंसियां अपने स्तर पर कार्रवाई आगे बढ़ाएंगी। आने वाले दिनों में RHFL से जुड़े बैंक खातों, संदिग्ध लेन-देन और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका को लेकर तस्वीर और साफ होने की संभावना है।




