अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | बर्लिन | 6 अप्रैल 2026
जर्मनी में हाल ही में अपडेट किए गए सैन्य सेवा कानून को लेकर नई बहस छिड़ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कानून में एक ऐसा प्रावधान सामने आया है जिसके तहत ‘लड़ने योग्य उम्र’ के पुरुषों को तीन महीने से अधिक समय के लिए देश छोड़ने से पहले अनुमति लेनी पड़ सकती है। जर्मनी के रक्षा मंत्रालय ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि इस प्रावधान को लेकर स्थिति स्पष्ट की जा रही है। मंत्रालय के अनुसार, कानून की व्याख्या को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है और इसे जल्द साफ किया जाएगा।
यह मुद्दा ऐसे समय सामने आया है जब यूरोप में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हुई हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद कई यूरोपीय देश अपनी सैन्य तैयारियों को मजबूत करने में लगे हैं। जर्मनी भी अपनी रक्षा नीति में बड़े बदलाव कर रहा है और सेना को अधिक सक्षम बनाने पर जोर दे रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस तरह का प्रावधान सख्ती से लागू किया जाता है, तो यह नागरिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत अधिकारों से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन सकता है। खासकर युवाओं और कामकाजी वर्ग के बीच इसे लेकर चिंता बढ़ सकती है।
हालांकि, जर्मन सरकार का कहना है कि किसी भी नागरिक के अधिकारों का हनन नहीं होगा और कानून को संविधान के दायरे में ही लागू किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय ने यह भी संकेत दिया है कि नियमों को लेकर जो भी भ्रम है, उसे जल्द दूर किया जाएगा।
इस पूरे मामले ने जर्मनी में राजनीतिक और सामाजिक बहस को तेज कर दिया है। विपक्षी दल जहां इसे नागरिक स्वतंत्रता पर संभावित असर के रूप में देख रहे हैं, वहीं सरकार इसे राष्ट्रीय सुरक्षा की जरूरत बता रही है।




