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ट्रांसजेंडर से पहचान छीनने की साजिश?—राहुल गांधी

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राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली 24 मार्च 2024

“संविधान को कुचलने की कोशिश”—राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्रांसजेंडर पर्सन्स अमेंडमेंट बिल को लेकर केंद्र सरकार पर बेहद आक्रामक हमला बोला है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह बिल ट्रांसजेंडर समुदाय के संवैधानिक अधिकारों और उनकी पहचान पर सीधा प्रहार है। राहुल गांधी के मुताबिक, यह कानून उस मूल भावना के खिलाफ है, जिस पर भारतीय संविधान खड़ा है—जहां हर आदमी को अपने जीवन, स्वतंत्रता और पहचान का अधिकार मिलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी “संकीर्ण सोच” के तहत देश की विविधता और गरिमा को खत्म करने की दिशा में बढ़ रही है।

“सेल्फ आइडेंटिटी छीनना असंवैधानिक”—सुप्रीम कोर्ट के फैसले की अनदेखी

राहुल गांधी ने कहा कि इस बिल के जरिए ट्रांसजेंडर लोगों के उस अधिकार को खत्म किया जा रहा है, जिसके तहत वे अपनी पहचान खुद तय कर सकते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही इस अधिकार को मान्यता दे चुका है, लेकिन इसके बावजूद सरकार उसे कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उनके मुताबिक, किसी व्यक्ति की पहचान तय करने का अधिकार सिर्फ उसी का होता है, और उसे किसी सरकारी प्रक्रिया या कागजी जांच के दायरे में बांधना संविधान की भावना के खिलाफ है।

“मेडिकल बोर्ड के नाम पर अपमान”—कांग्रेस का कड़ा विरोध

इस बिल में प्रस्तावित मेडिकल जांच को लेकर भी राहुल गांधी ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किसी ट्रांसजेंडर व्यक्ति को मेडिकल बोर्ड के सामने पेश होने के लिए मजबूर करना न केवल अमानवीय है, बल्कि यह उनकी गरिमा पर भी चोट है। उनके मुताबिक, यह प्रक्रिया लोगों को सम्मान देने के बजाय उन्हें और ज्यादा अपमान और भेदभाव की स्थिति में धकेलेगी। उन्होंने इसे “संवेदनहीन नीति” करार दिया।

“बिना बातचीत, बिना सहमति”—सरकार पर गंभीर आरोप

राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने इस बिल को लाने से पहले ट्रांसजेंडर समुदाय से कोई चर्चा नहीं की। उनका कहना है कि जिन लोगों पर कानून का असर पड़ेगा, उन्हीं की आवाज को नजरअंदाज करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अपमान है। उन्होंने कहा कि यह बिल सुरक्षा देने के बजाय समाज में और ज्यादा डर और असुरक्षा का माहौल पैदा करेगा।

“भारत की परंपरा के खिलाफ कदम”—सांस्कृतिक पहचान पर भी सवाल

कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत की संस्कृति हमेशा से विविधता और अलग-अलग पहचान को सम्मान देने की रही है। लेकिन यह बिल उस परंपरा के खिलाफ जाता है और ट्रांसजेंडर समुदाय की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को मिटाने की कोशिश करता है। उनके मुताबिक, यह सिर्फ कानून नहीं बल्कि सोच का सवाल है—और सरकार की सोच ही समस्या बनती जा रही है।

कांग्रेस का ऐलान—“हर हाल में विरोध करेंगे”

राहुल गांधी ने साफ कर दिया कि कांग्रेस पार्टी इस बिल का हर स्तर पर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ एक समुदाय की नहीं, बल्कि हर उस आदमी की है जो अपने अधिकार और सम्मान के साथ जीना चाहता है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि इस बिल को तुरंत वापस लिया जाए और ऐसा कानून लाया जाए जो ट्रांसजेंडर समुदाय को अधिकार दे, न कि उनसे उनके अधिकार छीन ले।

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