प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाराणसी यात्रा से पहले उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को आज सुबह लखनऊ में ही नजरबंद कर लिया गया। राय ने कल ही घोषणा की थी कि कांग्रेस कार्यकर्ता वाराणसी में प्रधानमंत्री की मौजूदगी के दौरान विरोध प्रदर्शन करेंगे। लेकिन सुबह होने से पहले ही पुलिस ने उनके आवास पर सुरक्षा बलों की तैनाती कर उन्हें घर में ही रोक दिया।
अजय राय ने सोशल मीडिया मंच X पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें आवाज़ उठाने से रोका जा रहा है। उन्होंने लिखा –
“पुलिस भेजकर हमें रोकना, कार्यकर्ताओं की आवाज़ दबाना — ये लड़ाई को रोक नहीं पाएगा, ये वोट चोरों को बचा नहीं पाएगा। कांग्रेस का हर बब्बर शेर कार्यकर्ता गली-गली, गांव-गांव से विरोध करेगा और आवाज़ देगा — ‘मोदी, वोट चोरी बंद करो!’”
दरअसल, अजय राय का यह ऐलान राहुल गांधी से जुड़े विवाद के बाद सामने आया था। रायबरेली में बीते दिन राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा समर्थकों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए गए थे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अजय राय ने कहा था कि भाजपा नेताओं की “वोट चोरी” वाली हकीकत उजागर होने के बाद वे बौखला गए हैं और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकप्रियता उन्हें बर्दाश्त नहीं हो रही। इसी के खिलाफ कांग्रेस ने वाराणसी में प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने वीडियो संदेश में कहा, “बीजेपी के लोग पागल हो गए हैं। राहुल गांधी जी ने जो ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाया, वह हर जगह चर्चा का विषय बन गया। मोदी जी उसे बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। रायबरेली में हमारे नेता के खिलाफ बीजेपी ने उन्मादी व्यवहार किया। कल काशी में हमारे कार्यकर्ता इसका विरोध करने वाले थे, लेकिन हमें रोकने की कोशिश की जा रही है।”
इस घटनाक्रम से साफ है कि प्रधानमंत्री मोदी की वाराणसी यात्रा के दौरान सुरक्षा और माहौल को लेकर प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। वहीं कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बता रही है और कार्यकर्ताओं से “गांव-गांव, गली-गली” विरोध जारी रखने का आह्वान कर रही है।





