अवधेश कुमार । नई दिल्ली 3 दिसंबर 2025
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अब तक का सबसे बड़ा और सबसे तीखा हमला बोला है। पार्टी ने कहा है कि मोदी सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को एक ‘राजनीतिक फ्रंटल ऑर्गनाइजेशन’ में बदल दिया है, जो अब कानून के बजाय सत्ता की इच्छा के अनुसार काम करता है। कांग्रेस के अनुसार, ED का असली उद्देश्य अब भ्रष्टाचार की जांच नहीं, बल्कि विपक्षी नेताओं को डराना, धमकाना, तोड़ना और राज्यों की चुनी हुई सरकारों को गिराना बन गया है। पार्टी का कहना है कि मोदी सरकार लोकतंत्र की संस्थाओं पर एक-एक करके कब्ज़ा कर रही है और ED उसकी “सबसे खतरनाक मशीनरी” बन चुकी है।
6,312 केस दर्ज, सिर्फ 120 दोषी—कांग्रेस बोली: ‘क्या यह जांच है या राजनीतिक उत्पीड़न?’
कांग्रेस ने संसद में सरकार द्वारा दिए गए ताज़ा आंकड़ों को सामने रखते हुए कहा कि ED की वास्तविकता “शोर ज्यादा, सबूत कम” वाली एजेंसी बन चुकी है। सरकार ने खुद बताया कि 2014 से अब तक ED ने 6,312 मामले दर्ज किए, लेकिन इनमें से सिर्फ 120 लोगों को दोषी ठहराया गया। कांग्रेस ने कहा कि यह आंकड़े साबित करते हैं कि ED का ज्यादातर काम मीडिया में सनसनी और विपक्ष पर दबाव बनाने तक सीमित है, क्योंकि अदालत में केस टिक ही नहीं पाते। पार्टी ने सवाल उठाया—अगर इतने बड़े पैमाने पर छापे और गिरफ्तारियां की गईं, तो सज़ा सिर्फ 120 क्यों? यह साफ संकेत है कि केस सबूतों पर नहीं, बल्कि “सत्ता के निर्देशों” पर बनाए गए।
कांग्रेस का आरोप: 95% केस विपक्ष पर—यह भ्रष्टाचार विरोध नहीं, विपक्ष विरोध है
कांग्रेस ने जोर देकर कहा कि 2014 के बाद ED द्वारा किए गए 95% केस विपक्षी दलों के नेताओं पर हुए हैं। पार्टी ने पूछा कि क्या भाजपा नेताओं में भ्रष्टाचार नहीं होता? क्या मोदी सरकार का संदेश यही है कि “जो भाजपा में आ जाए वह पवित्र, जो बाहर रहे वह अपराधी”? कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा में शामिल होते ही नेताओं के खिलाफ ED के केस गायब हो जाना या कार्रवाई रुक जाना यह दिखाता है कि एजेंसी का इस्तेमाल “राजनीतिक सफाई” के औजार की तरह किया जा रहा है। कांग्रेस ने कहा कि यह सब कुछ सिर्फ एक ही उद्देश्य से हो रहा है—देश में वास्तविक विपक्ष को खत्म करना और राजनीतिक माहौल को मोनोकलर बनाना।
193 सांसद-विधायक पर केस, पर सिर्फ 2 पर सबूत—कांग्रेस बोली: ‘ED का एजेंडा साफ है’
कांग्रेस ने संसद में पेश किए गए एक और चौंकाने वाले तथ्य पर जोर दिया कि पिछले 10 साल में ED ने 193 सांसदों और विधायकों पर केस दर्ज किए, लेकिन इनमें से सिर्फ 2 मामलों में आरोप साबित हुए। यह अंतर कांग्रेस के अनुसार यह साबित करता है कि ED का काम न्याय से ज़्यादा राजनीतिक हमला बन चुका है। पार्टी ने कहा कि इतनी बड़ी संस्थागत विफलता यह दिखाती है कि ED के केसों का उद्देश्य भ्रष्टाचार रोकना नहीं, बल्कि विपक्षी चेहरों को “अपराधी” की छवि देकर राजनीतिक नुकसान पहुँचाना है। कांग्रेस ने कहा कि भाजपा शासन में जांच एजेंसियां कानून लागू नहीं कर रहीं, बल्कि चुनावी रणनीति लागू कर रही हैं।
कांग्रेस का सीधा आरोप—ED का इस्तेमाल सरकारें गिराने और गठबंधन तोड़ने में हो रहा है
कांग्रेस ने कहा कि देश ने कई बार देखा है कि चुनाव से ठीक पहले, गठबंधन टूटने से पहले और सरकारें गिरने से पहले ED की सक्रियता अचानक बढ़ जाती है। पार्टी ने स्पष्ट कहा कि यह “ऑपरेशन लोटस” की सरकारी मशीनरी बन चुकी है। कांग्रेस का कहना है कि महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा, मणिपुर, झारखंड और अब दिल्ली—हर जगह ED का इस्तेमाल भाजपा की राजनीतिक इंजीनियरिंग के लिए किया गया है। पार्टी ने कहा कि ED आज भारत की राजनीति की सबसे बड़ी “प्रेशर एजेंसी” बन चुकी है, जिसमें आप भाजपा में शामिल हो जाएँ तो केस गायब, और अगर भाजपा के खिलाफ बोलें तो छापे शुरू।
कांग्रेस का बयान: ‘यह लोकतंत्र पर हमला है, और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा’
कांग्रेस ने एक स्वर में कहा कि ED का यह दुरुपयोग सिर्फ विपक्षी दलों पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा पर हमला है। पार्टी ने कहा कि आज मामला किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि संविधान और नागरिक अधिकारों का है।
कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि अब पार्टी चुप नहीं बैठेगी और एजेंसियों के दुरुपयोग के खिलाफ संसद से लेकर सड़क तक लड़ाई लड़ी जाएगी। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि देश को “एजेंसी-राज” में धकेलने की कोशिश करने वाले लोग इतिहास में जिम्मेदार ठहराए जाएंगे।
कांग्रेस बोली—अब जनता को फैसला करना है कि वे लोकतंत्र चाहती है या एजेंसी-राज?
कांग्रेस ने अपने बयान में कहा कि देश के सामने आज दो रास्ते हैं— या तो लोकतंत्र, संस्थाएं, संविधान और न्याय व्यवस्था बचाई जाए, या फिर सरकारी एजेंसियों को ही राजनीति का नया निर्णायक बनने दिया जाए। पार्टी ने कहा कि ED का दुरुपयोग अब सिर्फ आरोप नहीं, तथ्य है—और लोकतंत्र पर यह हमला अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।




