नई दिल्ली, 31 अक्तूबर 2025
केंद्र सरकार द्वारा सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को भेजे गए गृह मंत्रालय के पत्र में कहा गया है कि पूर्व अग्निवीरों (Ex-Agniveers) को निजी सुरक्षा एजेंसियों में रोजगार के अवसर दिए जाएं। सरकार का तर्क है कि यह कदम उनके चार साल की सेवा अवधि पूरी होने के बाद करियर प्रगति का एक हिस्सा होगा।
हालांकि, इस पहल पर कांग्रेस ने तीखा प्रहार किया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि यह निर्णय अग्निपथ योजना की वास्तविकता को उजागर करता है और साबित करता है कि सरकार सैनिकों के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा —“बॉर्डर की रखवाली करने वाले सिपाहियों को ये सरकार कॉलोनी के बाहर खड़ा ‘सिक्योरिटी गार्ड’ बना देना चाहती है। यही है इनकी देशभक्ति! यही है सेना के प्रति सम्मान!”
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार ने पहले अग्निवीरों की नौकरी की स्थिरता छीन ली और अब उन्हें प्राइवेट फर्मों के गेट पर खड़ा करने की योजना बना रही है। पार्टी ने मांग की है कि सरकार तत्काल इस नीति पर पुनर्विचार करे और पूर्व अग्निवीरों के लिए सम्मानजनक सरकारी रोजगार के अवसर सुनिश्चित करे।
वहीं, केंद्र सरकार के सूत्रों का कहना है कि यह फैसला अग्निवीरों की स्किल्स का बेहतर उपयोग करने और उन्हें नागरिक क्षेत्र में समायोजित करने के लिए लिया गया है। लेकिन विपक्ष इसे सैनिकों के भविष्य और सम्मान से खिलवाड़ करार दे रहा है।




