एबीसी नेशनल न्यूज | इम्फाल | 21 फरवरी 2026
सोशल मीडिया पर मणिपुर के लिटन-सारेखोंग इलाके में CRPF स्टेशन पर हमले का दावा वायरल हो रहा है, लेकिन जांच में यह दावा भ्रामक पाया गया है। उपलब्ध जानकारी और स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया के अनुसार इस तरह के हमले की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
फैक्ट चेक में सामने आया कि वायरल पोस्ट और वीडियो में यह कहा जा रहा था कि उग्र तत्वों ने CRPF कैंप या सुरक्षा प्रतिष्ठान पर हमला किया। हालांकि विश्वसनीय समाचार रिपोर्टों और स्थानीय अधिकारियों की जानकारी में ऐसी घटना दर्ज नहीं है।
मणिपुर पुलिस ने भी पहले लिटन क्षेत्र से जुड़े कई वायरल दावों को गलत और भ्रामक बताते हुए लोगों से अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील की है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि संवेदनशील माहौल में झूठी या भड़काऊ जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
जांच में यह भी पाया गया कि कुछ वायरल तस्वीरें और वीडियो पुराने घटनाक्रम या अलग संदर्भ से जोड़कर साझा किए गए, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई। इसी तरह के मामलों में पहले भी सुरक्षा बलों पर हमले या हिंसा से जुड़े झूठे दावे सामने आते रहे हैं, जिन्हें प्रशासन ने खारिज किया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मणिपुर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अपुष्ट जानकारी तेजी से तनाव बढ़ा सकती है, इसलिए किसी भी खबर को साझा करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करना जरूरी है।
निष्कर्ष: लिटन-सारेखोंग में CRPF स्टेशन पर हमले का वायरल दावा भ्रामक है और इसकी कोई विश्वसनीय पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।




