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गोदी मीडिया को चुनौती देना पड़ा भारी? खान सर पर FIR से उठे सवाल, फायरिंग करने वाले दिखे वीडियो में, निशाने पर आए शिक्षक

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | पटना | 5 जून 2026

पटना के चर्चित शिक्षक और यूट्यूबर के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब वायरल वीडियो में कथित तौर पर कुछ अन्य लोग हथियार लहराते और फायरिंग करते दिखाई दे रहे हैं, तब जांच और कार्रवाई का केंद्र खान सर को क्यों बनाया जा रहा है, जबकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह घटना के दौरान मौके पर मौजूद भी नहीं थे।

यह मामला उस समय और अधिक राजनीतिक रंग ले गया जब समर्थकों ने इसे हाल ही में टीवी एंकर Anjana Om Kashyap के साथ हुए सार्वजनिक विवाद से जोड़ना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर कई लोगों का दावा है कि तथाकथित “गोदी मीडिया” को खुली चुनौती देने के बाद खान सर लगातार निशाने पर हैं। हालांकि इस दावे की पुष्टि करने वाला कोई आधिकारिक साक्ष्य अब तक सामने नहीं आया है।

घटना की शुरुआत खान ग्लोबल स्टडीज़ कोचिंग संस्थान के बाहर हुए हंगामे, तोड़फोड़ और कथित फायरिंग से हुई। इसके बाद वायरल वीडियो सामने आए, जिनमें कुछ लोगों को हथियार के साथ देखा गया। पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू की है और सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।

समर्थकों का कहना है कि यदि वीडियो में दिखाई देने वाले लोग ही फायरिंग कर रहे थे तो कानून का पहला शिकंजा उन्हीं पर कसना चाहिए। उनका आरोप है कि असली सवालों से ध्यान हटाकर पूरे मामले को खान सर के नाम से जोड़ दिया गया है। उनका यह भी कहना है कि देशभर में लाखों छात्रों के बीच लोकप्रियता और स्थापित मीडिया नैरेटिव को चुनौती देने के कारण खान सर को विवाद के केंद्र में लाया जा रहा है।

दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि जांच सभी उपलब्ध साक्ष्यों, वीडियो फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर की जा रही है। पुलिस के अनुसार FIR दर्ज होना किसी व्यक्ति के दोषी होने का प्रमाण नहीं है, बल्कि जांच प्रक्रिया का हिस्सा है।

इस मामले का सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि यदि फायरिंग के दृश्य वीडियो में मौजूद हैं, तो जांच का मुख्य फोकस उन लोगों की भूमिका पर होना चाहिए जो प्रत्यक्ष रूप से दिखाई दे रहे हैं। साथ ही यह भी जरूरी है कि किसी भी व्यक्ति को केवल लोकप्रियता, मीडिया बहस या राजनीतिक विमर्श के आधार पर दोषी न ठहराया जाए। खान सर के समर्थकों की नाराज़गी इसी बात को लेकर है कि उन्हें लगता है कि घटना के वास्तविक आरोपियों से ज्यादा चर्चा खान सर पर हो रही है। अब पूरे देश की नजर पुलिस जांच पर है, जो तय करेगी कि जिम्मेदारी वास्तव में किसकी बनती है और कानून का दायरा किन लोगों तक पहुंचता है।

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