
3.7 करोड़ नाम हटे, मताधिकार पर सवाल — 91 साल की औरत लाइन में, लोकतंत्र कटघरे में
महेंद्र कुमार | नई दिल्ली | 30 दिसंबर 2025 SIR पर सियासी और सामाजिक हलचल लोकतंत्र की असली परीक्षा कानूनों और प्रक्रियाओं की लंबी सूची से नहीं, बल्कि इस बात से होती है कि वही व्यवस्था सबसे कमजोर आदमी के साथ कैसा व्यवहार करती है। 91 वर्षीय अशतला भट्टाचार्य की कहानी आज इसी कसौटी पर









