भारतीय मुस्लिम समाज में नेतृत्व संकट – ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से आज की दुर्दशा तक
भारत का मुस्लिम समाज आज जिस नेतृत्व शून्यता का शिकार है, वह केवल राजनीतिक परिदृश्य की उपेक्षा का नतीजा नहीं है, बल्कि सामाजिक, वैचारिक और
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नई दिल्ली 19 जुलाई शाहिद सईद (वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी) विश्व बैंक की एक हालिया रिपोर्ट ने दावा किया है कि भारत में आय और
मुल्क से मुहब्बत एक ऐसी भावना है जो किसी भी देश के नागरिक के दिल में गहरी जड़ें जमाती है। यह केवल एक आदर्श विचार
भारतीय संविधान का मूल स्वभाव और अल्पसंख्यक अधिकारों का महत्व भारतीय गणराज्य का संविधान केवल कानूनों की एक किताब नहीं, बल्कि वह जीवंत संहिता है
भूमिका: राष्ट्रीय सुरक्षा कोई विभाग नहीं, यह राष्ट्र की आत्मा है भारत एक उदार, बहुलतावादी, लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है — लेकिन यह सब तब
भय और रक्त से लथपथ बंगाल: क्या यह भारत का नया रेप कैपिटल बन चुका है? पश्चिम बंगाल, जिसे कभी सांस्कृतिक चेतना और बौद्धिकता की
भारत, जिसे “सर्वधर्म समभाव” का जीवंत उदाहरण माना जाता है, अपने सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता में एकता का अद्भुत नमूना प्रस्तुत करता है। यह एक
भारत ने 2019 में जो नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) पारित किया, वह न केवल एक कानूनी पहल थी, बल्कि मानवता, नैतिकता और ऐतिहासिक उत्तरदायित्व का
आज का विश्व एक अजीब दौर से गुजर रहा है, जहां एक तरफ विज्ञान और प्रौद्योगिकी ने इंसानी जीवन को अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया
भारत एक सहिष्णुता और विविधता का देश रहा है, जहाँ सदियों से विभिन्न धर्म, जातियाँ, भाषाएँ और समुदाय एक साथ रहते आए हैं। लेकिन पिछले