मीडिया और सोशल मीडिया में महिलाओं की छवि: सशक्तिकरण या सीमाओं में कैद?
निपुणिका शाहिद, असिस्टेंट प्रोफेसर, मीडिया स्ट्डीज, स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज, क्राइस्ट यूनिवर्सिटी नई दिल्ली, 15 अगस्त विज्ञापन हों या सिनेमा, न्यूज़ चैनल हों या इंस्टाग्राम—आज
निपुणिका शाहिद, असिस्टेंट प्रोफेसर, मीडिया स्ट्डीज, स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज, क्राइस्ट यूनिवर्सिटी नई दिल्ली, 15 अगस्त विज्ञापन हों या सिनेमा, न्यूज़ चैनल हों या इंस्टाग्राम—आज
नई दिल्ली । 15 अगस्त 2025 जब कला ने चुप्पी को तोड़ा भारतीय सिनेमा को अक्सर ‘संस्कारी’ कह कर सीमित किया गया है, लेकिन हकीकत

लेखक: शुजात अली कादरी, (अध्यक्ष मुस्लिम स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन) नई दिल्ली 11 अगस्त 2025 कूटनीति बनाम मानवाधिकार पाकिस्तान लंबे समय से खुद को वैश्विक मुस्लिम मुद्दों

लेखक : पवन खेड़ा (अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मीडिया और प्रचार विभाग के अध्यक्ष) नई दिल्ली 10 अगस्त 2025 अगर रेफरी तटस्थ न हो,
जब युद्ध किसी सैन्य सीमा से नहीं, बल्कि चुप्पी, पूंजी, और नैरेटिव से शुरू होता है — तब वह केवल एक क्षेत्रीय संघर्ष नहीं रहता,
एस के सिंह, अर्थशास्त्री नई दिल्ली । 6 अगस्त 2025 भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने अपनी अगस्त 2025 की मौद्रिक नीति में रेपो रेट को
शिवाजी सरकार, वरिष्ठ पत्रकार भारत में समोसा, जलेबी और पकौड़े सिर्फ नाश्ता नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति का हिस्सा हैं। लेकिन अब ये स्वादिष्ट व्यंजन सरकारी
डॉ. नीरज पंवार, असिस्टेंट प्रोफेसर, डिपार्टमेंट ऑफ साइकोलॉजी, क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, दिल्ली एनसीआर नई दिल्ली 5 अगस्त 2025 डिजिटल युग में भोजन का अर्थ बदलता जा
इंशा रहमान, लॉ स्टूडेंट | 4 अगस्त 2025 भारतीय सिनेमा आज उस मुकाम पर खड़ा है जहां दर्शक पहले से कहीं अधिक जागरूक, संवेदनशील और
नई दिल्ली। 4 अगस्त 2025 बीते एक दशक में भारतीय छात्रों में विदेशों में पढ़ाई करने की ललक तेजी से बढ़ी है। चाहे वो ऑक्सफोर्ड