
भारत में संस्कृति और राजनीति: चुनावी अभियानों में सांस्कृतिक प्रतीकों की शक्ति
लेखक : निपुणिका शाहिद, असिस्टेंट प्रोफेसर, मीडिया स्ट्डीज, स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज, क्राइस्ट यूनिवर्सिटी दिल्ली NCR नई दिल्ली 25 अगस्त 2025 भारत, जो अपनी बहुलता,

लेखक : निपुणिका शाहिद, असिस्टेंट प्रोफेसर, मीडिया स्ट्डीज, स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज, क्राइस्ट यूनिवर्सिटी दिल्ली NCR नई दिल्ली 25 अगस्त 2025 भारत, जो अपनी बहुलता,

डॉ. शालिनी अली, समाजसेवी नई दिल्ली 25 अगस्त 2025 भारत आज विज्ञान, तकनीक और अर्थव्यवस्था की दुनिया में नई उड़ान भर रहा है। मेट्रो शहरों

लेखक: प्रोफेसर शिवाजी सरकार, अर्थशास्त्री विदेशी निवेशकों का ₹1.16 लाख करोड़ का पलायन: क्या भारत निवेशकों के लिए ‘नो-गो जोन’ बन गया है? 2025 में

जनता का भरोसा और संवैधानिक संस्था का संकट भारतीय लोकतंत्र का आधार स्तंभ है चुनाव आयोग। यह संस्था अब तक अपने निष्पक्ष चरित्र और सख़्त
डॉक्टर शालिनी अली, समाजसेवी 16 अगस्त 2025 भारतीय मुस्लिम महिलाएं उस चौराहे पर खड़ी हैं जहां धार्मिक परंपरा, कानूनी अधिकार, राजनीतिक विमर्श और सामाजिक संरचना—चारों

गिरिजेश वशिष्ठ, वरिष्ठ पत्रकार (संपादक KnockingNews) आज से हजारों वर्ष पूर्व जब श्रीकृष्ण का अवतरण हुआ, तब दुनिया को पहली बार ऐसा देवता मिला जिसने

महेंद्र सिंह, वरिष्ठ पत्रकार नई दिल्ली, 16 अगस्त 2025 समानता का शाश्वत संदेश जन्माष्टमी केवल भगवान श्रीकृष्ण के अवतरण का उत्सव नहीं है, बल्कि उनके
21वीं सदी के तेजी से बढ़ते आधुनिक युग में जहां एक ओर तकनीकी प्रगति ने मानव जीवन को सुविधाजनक बनाया है, वहीं दूसरी ओर प्लास्टिक
भारत, एक ऐसा राष्ट्र है जिसे न केवल उसकी भौगोलिक सीमाओं से, बल्कि उसकी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर से पहचाना जाता है। यह भूमि प्राचीनता
15 अगस्त 2025 आलोक रंजन, वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार किसी भी देश के लिए खाद्य सुरक्षा के मायने हैं। दरअसल खाद्य सुरक्षा भारतीय कृषि अर्थव्वस्था