
राष्ट्रीय सुरक्षा — भारत की अस्मिता, अखंडता और अस्तित्व की अंतिम रेखा
भूमिका: राष्ट्रीय सुरक्षा कोई विभाग नहीं, यह राष्ट्र की आत्मा है भारत एक उदार, बहुलतावादी, लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है — लेकिन यह सब तब तक सुरक्षित है, जब तक इसकी राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत और सतर्क है। राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सीमा पर सेना की तैनाती या युद्ध की तैयारियों तक सीमित नहीं है; यह एक









