
निशाने पर मोदी नहीं, समर्थक: आरोप, नैरेटिव और राजनीति की नई बिसात
ओपिनियन | प्रशांत टंडन, वरिष्ठ पत्रकार | नई दिल्ली | 28 मार्च 2026 Madhu Kishwar के हालिया आरोपों को केवल सनसनीखेज बयान कहकर खारिज कर देना आसान है, लेकिन राजनीति में घटनाएं कभी सतही नहीं होतीं। हर बयान, हर आरोप अपने भीतर एक रणनीति छिपाए होता है। यहां भी असली सवाल यह नहीं है कि









