
निर्भया से उन्नाव तक: गुस्सा कहां गया, देश क्यों खामोश है?
अवधेश कुमार | नई दिल्ली 26 दिसंबर 2025 2012 की ठंडी दिसंबर की रात दिल्ली की सड़कों पर जो उबाल दिखा था, वह सिर्फ एक अपराध के खिलाफ आक्रोश नहीं था, वह पूरे सिस्टम के खिलाफ एक सामूहिक चीख थी। निर्भया कांड ने देश की आत्मा को इस कदर झकझोरा कि छात्र, महिलाएं, बुज़ुर्ग, कामकाजी









