
बीजेपी राज में घर जाना लक्ज़री बन गया — जनता बोली, त्योहार नहीं, लूट का मौसम है : अखिलेश यादव
दीवाली की रौशनी से पहले ही आम आदमी के घरों में अंधेरा उतर आया है। घर लौटने की आस में बैठे मजदूर, छात्र और नौकरीपेशा लोग अब बीजेपी की मुनाफाख़ोरी वाली नीतियों के आगे बेबस हैं। नोएडा, ग़ाज़ियाबाद और दिल्ली से चलने वाली निजी बसों ने किराया चार गुना तक बढ़ा दिया है — ₹600









