
ट्रम्प के मंसूबे और मानवता पर मंडराता खतरा: जब ताकत लोकतंत्र से ऊपर थोप दी जाती है
अखलाक अहमद | नई दिल्ली 7 जनवरी 2026 डोनाल्ड ट्रम्प का नाम अब सिर्फ एक अमेरिकी नेता तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि वह उस सोच का प्रतीक बनता जा रहा है, जिसमें ताकत, सैन्य दबाव और भू-राजनीतिक लालच को मानवता, लोकतंत्र और अंतरराष्ट्रीय कानून से ऊपर रखा जाता है। ग्रीनलैंड को लेकर ट्रम्प









