
जनादेश चोरी है, तो सत्ता भी चोरी है — यह भारत बनाम वोट-चोरों की लड़ाई है
जब सत्ता चुराई जाती है — तो वह किसी एक नेता, किसी एक पार्टी की लड़ाई नहीं रह जाती। वह लड़ाई हर भारतीय की बन जाती है। भारत का संविधान कहता है कि सरकार जनता चुनती है, पर जब सरकार ही जनता की पसंद चुरा ले — तब जनता को ही खड़े होकर कहना पड़ता









