
सोने की चमक में डूबता भारत: बढ़ते आयात, गिरता रुपया और बाहरी कर्ज का विस्फोट—आख़िर कब टूटेगा यह आर्थिक चक्रव्यूह?
प्रोफेसर शिवाजी सरकार, अर्थशास्त्री | नई दिल्ली 29 नवंबर 2025 भारत आज एक गहरे आर्थिक चक्रव्यूह में फँसा हुआ है, जिसकी जड़ें सिर्फ रुपये के गिरने में नहीं, बल्कि उसकी अनियंत्रित आयात-भूख में दबी हुई हैं। देश जिस तरह सोना, इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी, लग्जरी वस्तुओं और उपभोग-प्रधान उत्पादों के आयात पर निर्भर हो गया है, उसने









