राष्ट्रीय/ केरल | पलक राय | ABC NATIONAL NEWS | थ्रिशूर | 5 सितंबर 2026
आधी रात के बाद हुआ भीषण हादसा
केरल के थ्रिशूर जिले में शुक्रवार देर रात एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई। हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग-66 पर कैपामंगलम के पास पनमपिक्कुन्नु इलाके में हुआ। जानकारी के मुताबिक आधी रात के कुछ समय बाद एक कार तेज गति से सड़क किनारे खड़े एक लॉरी से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोगों को गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बचाव दल तथा पुलिस को सूचना दी गई।
7 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ा
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार में सवार 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। इस तरह हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हो गई। पुलिस और राहत दल ने दुर्घटनाग्रस्त कार से लोगों को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत की, क्योंकि टक्कर के बाद वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह पिचक गया था।
लॉरी सड़क पर क्यों खड़ी थी, जांच शुरू
इस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि जिस लॉरी से कार टकराई, वह राजमार्ग पर किस परिस्थिति में खड़ी थी। दुर्घटना के सही कारणों का अभी पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट पता चल पाएगा। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि लॉरी वहां किसी खराबी के कारण खड़ी थी या किसी अन्य वजह से, क्या उसके पीछे पर्याप्त चेतावनी संकेत या सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी और हादसे के समय कार की गति कितनी थी। हादसे की परिस्थितियों को समझने के लिए पुलिस घटनास्थल और आसपास की जानकारी भी जुटा रही है।
टक्कर के बाद कार के उड़े परखच्चे
हादसे की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना के बाद मौके पर पहुंचे बचावकर्मियों को वाहन के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने में मुश्किल हुई। राजमार्ग पर देर रात हुए इस हादसे के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। दुर्घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने की कार्रवाई शुरू की।
एनएच-66 पर सड़क सुरक्षा फिर सवालों में
यह हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग-66 पर सड़क सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। राजमार्ग पर किसी वाहन के खराब होने या किसी अन्य कारण से रुकने की स्थिति में पीछे से आने वाले वाहनों को पर्याप्त दूरी से इसकी जानकारी मिलना बेहद जरूरी होता है। इसके लिए चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टिव मार्कर और उचित प्रकाश व्यवस्था जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण होती हैं। हालांकि इस मामले में इन व्यवस्थाओं की स्थिति क्या थी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल पुलिस का ध्यान हादसे के कारण और जिम्मेदारी तय करने पर है।
एक झटके में उजड़ गए कई परिवार
आधी रात के इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में पहुंचा दिया है। कुछ ही पल पहले जो लोग अपने सफर पर थे, वे अचानक मौत के शिकार हो गए। सड़क दुर्घटनाओं में अक्सर केवल वाहन में बैठे लोगों की जान नहीं जाती, बल्कि पीछे परिवारों के सामने पूरी जिंदगी का संकट खड़ा हो जाता है। थ्रिशूर का यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि राजमार्गों पर छोटी-सी लापरवाही भी कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।
जांच के बाद सामने आएगा हादसे का पूरा सच
फिलहाल पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। लॉरी के सड़क पर खड़े होने की वजह, कार की गति, सड़क की स्थिति, रोशनी और अन्य परिस्थितियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ। लेकिन इतना तय है कि एनएच-66 पर आधी रात हुआ यह हादसा आठ परिवारों के लिए कभी न भूल पाने वाली त्रासदी बन गया है।



