एबीसी डेस्क 12 दिसंबर 2025
केंद्र सरकार ने देश में 2027 में होने वाली अगली जनगणना के लिए बड़ा फैसला लेते हुए ₹11,718 करोड़ का बजट मंजूर कर दिया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल तरीके से होगी। यानी गणना करने वाले कर्मचारी कागज़ की जगह मोबाइल ऐप और टैबलेट का इस्तेमाल करेंगे। इससे आंकड़े जल्दी और सही तरीके से इकट्ठा हो सकेंगे और डेटा सुरक्षित भी रहेगा।
सरकार ने बताया कि जनगणना दो हिस्सों में पूरी की जाएगी। पहला हिस्सा, जिसमें घर-घर सूचीकरण और आवास जनगणना शामिल है, अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच चलेगा। दूसरा हिस्सा, यानी जनसंख्या गणना, फरवरी 2027 में शुरू होगा। इस दौरान देशभर में लाखों कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों की जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज करेंगे।
इस बार जनगणना में कई नए तरह के आंकड़े भी शामिल किए जाएंगे, जिनमें जाति संबंधी डेटा भी शामिल है। इससे सरकार को अलग-अलग वर्गों और समुदायों से जुड़े सामाजिक-आर्थिक हालात को समझने में मदद मिलेगी। डिजिटल जनगणना का फायदा यह होगा कि डेटा रियल-टाइम में अपलोड होगा, जिससे रिपोर्टें पहले की तुलना में जल्दी तैयार की जा सकेंगी।
सरकार का कहना है कि यह जनगणना देश की योजनाओं, विकास नीतियों और संसाधन वितरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी। डिजिटल तरीके से होने के कारण यह भारत की अब तक की सबसे आधुनिक और पारदर्शी जनगणना मानी जा रही है।




