अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | अदीस अबाबा/ब्रासीलिया | 12 अप्रैल 2026
ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने एक बार फिर इज़राइल की गाजा नीति पर बेहद कड़े शब्दों में हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इज़राइल महिलाओं और बच्चों का नरसंहार कर रहा है और इसे उन्होंने “ऐतिहासिक तथ्य” बताया। लूला का यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी बहस का विषय बन गया है क्योंकि उन्होंने इसे युद्ध नहीं बल्कि सीधे जनसंहार करार दिया है।
राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने कहा, “मैं यह बात ज़ोर से और स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूँ — इज़राइली राष्ट्रपति महिलाओं और बच्चों का नरसंहार कर रहे हैं। यह एक ऐतिहासिक तथ्य है।” उन्होंने आगे कहा कि गाजा में जो कुछ हो रहा है वह किसी भी सामान्य युद्ध की परिभाषा में नहीं आता। बल्कि यह एक शक्तिशाली, आधुनिक और सुसज्जित सेना द्वारा निर्दोष महिलाओं, बच्चों और आम नागरिकों पर किए जा रहे सामूहिक हत्याकांड का मामला है। लूला ने इस पूरे घटनाक्रम को “genocide” यानी नरसंहार का नाम दिया और कहा कि दुनिया को इस सच्चाई को स्वीकार करना चाहिए।
यह बयान ब्राज़ील के राष्ट्रपति के पहले के रुख के अनुरूप है। इससे पहले भी लूला दा सिल्वा गाजा में इज़राइली कार्रवाई की तुलना हिटलर के यहूदियों के नरसंहार से कर चुके हैं, जिसके कारण इज़राइल ने ब्राज़ील के साथ राजनयिक संबंधों को लेकर कड़ी आपत्ति जताई थी और ब्राज़ील के राजदूत को तलब भी किया था। लूला की यह मजबूत फिलिस्तीन समर्थक नीति ब्राज़ील की पारंपरिक वामपंथी विदेश नीति से मेल खाती है, जिसमें फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता देने और इज़राइल की सैन्य कार्रवाइयों की आलोचना का लंबा इतिहास रहा है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय में इस बयान ने मिश्रित प्रतिक्रियाएं पैदा की हैं। कई देशों और मानवाधिकार संगठनों ने लूला के बयान का स्वागत किया है और कहा है कि गाजा में महिलाओं व बच्चों की भारी संख्या में मौतें वाकई चिंताजनक हैं। वहीं इज़राइल और उसके सहयोगी देशों ने इसे “पूरी तरह झूठा, एकतरफा और यहूदियों के खिलाफ नफरत फैलाने वाला” बयान बताया है। इज़राइल ने कहा कि लूला का बयान हमास जैसे आतंकवादी संगठन को संरक्षण देने वाला है और इससे शांति प्रक्रिया को नुकसान पहुंच रहा है। लूला का यह बयान न सिर्फ इज़राइल – फिलिस्तीन संघर्ष को नई दिशा दे सकता है बल्कि वैश्विक राजनयिक स्तर पर भी ब्राज़ील की भूमिका को और मजबूत बना सकता है। फिलहाल गाजा में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है और लूला जैसे प्रमुख विश्व नेताओं के बयानों से अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ता जा रहा है।




