एबीसी नेशनल न्यूज | चप्पाक्वा (न्यूयॉर्क) | 27 फरवरी 2026
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Bill Clinton कांग्रेस की हाउस ओवरसाइट कमिटी के सामने बंद दरवाजों के पीछे निजी गवाही देंगे। यह सुनवाई ऐसे समय हो रही है जब एक दिन पहले उनकी पत्नी और पूर्व विदेश मंत्री Hillary Clinton ने समिति के समक्ष पेश होकर कहा था कि उन्हें कुख्यात यौन अपराधी Jeffrey Epstein से कभी मिलने की याद नहीं है और उनके अपराधों के बारे में साझा करने के लिए उनके पास कोई जानकारी नहीं है।
हिलेरी क्लिंटन की करीब छह से सात घंटे चली बंद कमरे की डेपोजिशन चप्पाक्वा के परफॉर्मिंग आर्ट्स सेंटर में हुई, जिसमें उन्होंने एपस्टीन के साथ किसी भी प्रकार के संपर्क या यात्रा से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उन्हें एपस्टीन की आपराधिक गतिविधियों का कोई अंदाजा नहीं था और न ही वे कभी उसके विमान, द्वीप, घर या कार्यालय गईं। हिलेरी ने इस सुनवाई को राजनीतिक रंग देने की कोशिश बताते हुए इसे “पॉलिटिकल थिएटर” भी करार दिया और कहा कि समिति का समय अधिक गंभीर मुद्दों पर लगाया जा सकता था।
हाउस ओवरसाइट कमिटी एपस्टीन और उसकी सहयोगी घिस्लेन मैक्सवेल के यौन तस्करी मामलों के साथ-साथ प्रभावशाली व्यक्तियों से उनके संभावित संबंधों की व्यापक जांच कर रही है। समिति के चेयरमैन जेम्स कोमर ने पिछले वर्ष क्लिंटन दंपति सहित कई लोगों को समन जारी किया था। शुरुआती अनिच्छा के बाद अवमानना की संभावना को देखते हुए दोनों ने गवाही देने पर सहमति जताई, जिसके तहत सुनवाई वाशिंगटन के बजाय उनके निवास के पास आयोजित की जा रही है।
बिल क्लिंटन के एपस्टीन से पुराने संबंधों को लेकर पहले भी चर्चा होती रही है। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने 2000 के दशक की शुरुआत में एपस्टीन के निजी विमान पर कई यात्राएं की थीं, हालांकि क्लिंटन लगातार किसी भी गलत कार्य से इनकार करते रहे हैं और बाद में इस संबंध पर खेद भी जताया है। हाल के दस्तावेजों और सार्वजनिक हुई तस्वीरों के कारण यह मामला फिर से सुर्खियों में आया है, जिससे राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
समिति क्लिंटन फाउंडेशन और एपस्टीन के संभावित संपर्कों पर भी सवाल उठा सकती है, हालांकि अभी तक किसी व्यक्ति को औपचारिक रूप से दोषी नहीं ठहराया गया है। डेमोक्रेट्स ने जांच को राजनीतिक प्रेरित बताते हुए इसे सत्ता संघर्ष का हिस्सा कहा है, जबकि समिति का कहना है कि इसका उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और पीड़ितों को न्याय दिलाना है।
एपस्टीन 2019 में जेल में मृत पाया गया था, जबकि उस पर नाबालिग लड़कियों की यौन तस्करी के गंभीर आरोप थे। हाल के वर्षों में कई दस्तावेज सार्वजनिक होने के बाद यह मामला फिर से अमेरिकी राजनीति और न्यायिक बहस के केंद्र में आ गया है। अब बिल क्लिंटन की गवाही के बाद समिति क्या निष्कर्ष निकालती है और आगे कौन से खुलासे होते हैं, इस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजरें टिकी हुई हैं।




