गौरीगंज 6 नवंबर 2025
बिहार विधानसभा चुनाव के बीच गोविंदगंज में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक इतिहास की आत्मा है। प्रियंका ने दावा किया कि जब देश में रास्ते भी नहीं बने थे, तब बिहार के पूर्वज अंग्रेजी साम्राज्य को सीधी चुनौती दे रहे थे। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने भी सत्याग्रह की प्रेरणा यहीं से ली, इसलिए बिहार की जनता को अपनी असली ताकत पहचाननी होगी — क्योंकि इस देश की आज़ादी और निर्माण, दोनों में बिहार की भूमिका केंद्रीय रही है।
प्रियंका ने कहा कि आज वही बिहार, जिसने देश को नेतृत्व की दिशा दी, वही बेरोज़गारी और उपेक्षा के अंधेरे में धकेल दिया गया है। उन्होंने पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के साथ बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि यहाँ के युवा बार-बार परीक्षाएँ देते हैं, पर हर बार पेपर लीक हो जाता है। वर्षों इंतजार के बाद नियुक्तियाँ रद्द हो जाती हैं और नौजवानों का जीवन बर्बाद हो जाता है। उन्होंने सवाल किया — क्या यही नया भारत है? जहाँ मेहनती युवक की काबिलियत को राजनीतिक खेल में कुचल दिया जाए?
सभा में प्रियंका गांधी ने बिहार के प्रवासी श्रमिकों के दर्द को भी तीखे अंदाज़ में उठाया। उन्होंने कहा कि बिहार का आदमी देश के हर कोने में कड़ी मेहनत करता है, ठेकेदार से लेकर निर्माण खंभों तक, हर बड़ा काम बिहार के मजदूरों के खून-पसीने से खड़ा होता है। लेकिन बदले में केंद्र सरकार ने क्या दिया? “न सम्मान, न सुरक्षा, न रोज़गार” — प्रियंका ने कहा कि मोदी सरकार की नजर में बिहार और उसके मुख्यमंत्री की कोई अहमियत नहीं। यह अपमान सिर्फ राजनीतिक नहीं, ऐतिहासिक और सामाजिक अन्याय है।
प्रियंका गांधी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी पर व्यक्तिगत तौर पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी विपक्षी नेताओं के पोस्टर में चेहरों का आकार नापने में लगे रहते हैं — क्या यह देश चलाने का तरीका है? उन्होंने तंज कसा कि देश की अर्थव्यवस्था डूब रही है, युवाओं को नौकरी नहीं है, किसान संकट में हैं — और प्रधानमंत्री का ध्यान सिर्फ प्रचार पर और विरोधियों पर ठहाका लगाने में लगा है।
हरियाणा चुनाव का उदाहरण देते हुए प्रियंका ने कहा कि BJP ने वहाँ पूरी सरकार “चोरी” की। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि वहाँ 25 लाख फर्जी वोट पाए गए — और इस तरह की “वोट चोरी” सबसे बड़ा लोकतांत्रिक अपराध है। प्रियंका ने कहा कि संविधान को कमजोर करने की हर चाल के खिलाफ बिहार को नया नेतृत्व चुनना होगा — ऐसा नेतृत्व जो महिलाओं, युवाओं, गरीबों और किसानों की आवाज़ उठाए, न कि वोटों का सौदा करे।
उन्होंने आगे कहा कि यूपी के अपने एक दौरे में उन्होंने एक बुजुर्ग महिला से मुलाकात की, जिसने बताया कि उसने इंदिरा गांधी को खीर खिलाई थी। उसके बाद प्रियंका ने आरोप लगाया कि BJP के शीर्ष नेता जब गरीबों के घर जाते भी हैं, तो अपना खाना और थालियाँ साथ ले जाते हैं — यानी यह दिखावा है, जनता के प्रति अहंकार है, उनका दर्द नहीं। प्रियंका बोलीं — “इनको सत्ता दिखती है, जनता नहीं।”
सभा के अंत में उन्होंने सबसे तीखा आरोप लगाया — “नरेंद्र मोदी चुनाव चोरी कर रहे हैं, वोट काट रहे हैं। अब बिहार को फैसला करना होगा — कब तक चुप रहोगे?” प्रियंका ने जनता से अपील की कि अगर BJP-JDU पैसे देकर वोट खरीदने आएँ, तो वह पैसा उनकी मेहनत की कमाई की तरह समझकर रख लें — लेकिन वोट सिर्फ अपने और अपने बच्चों के भविष्य के लिए डालें, क्योंकि पिछले 20 साल में बिहार में विकास का नाम पर कुछ भी नहीं बदला।





