एबीसी नेशनल न्यूज | ढाका | 13 फरवरी 2026
दक्षिण एशिया की राजनीति में बड़ा बदलाव दर्ज करते हुए Bangladesh Nationalist Party (BNP) ने आम चुनावों में दो-तिहाई बहुमत हासिल कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। 300 सदस्यीय संसद में पार्टी ने 212 से अधिक सीटें जीतकर स्पष्ट संवैधानिक बहुमत प्राप्त किया है। यह नतीजा ऐसे समय में आया है जब देश 2024 में हुए जनरेशन-Z नेतृत्व वाले आंदोलन और पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina की सत्ता से विदाई के बाद राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहा था।
पूर्व प्रधानमंत्री Khaleda Zia के बेटे और BNP अध्यक्ष Tarique Rahman का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। रहमान ने दो सीटों से चुनाव लड़ा और दोनों पर जीत हासिल की है। उल्लेखनीय है कि वे पिछले साल दिसंबर में 17 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद देश लौटे थे। उनकी वापसी और अब संभावित ताजपोशी को बांग्लादेशी राजनीति में एक बड़े पुनरागमन के रूप में देखा जा रहा है।
करीब 60 प्रतिशत मतदान के साथ यह चुनाव हाल के वर्षों का सबसे अहम लोकतांत्रिक अभ्यास माना जा रहा है। BNP की इस जीत ने न केवल पार्टी को निर्णायक बढ़त दिलाई है, बल्कि संविधान संशोधन जैसे बड़े फैसलों की संभावनाएं भी खोल दी हैं।
चुनाव की पृष्ठभूमि
2024 के “जुलाई आंदोलन” ने बांग्लादेश की राजनीति को गहराई से प्रभावित किया था। युवाओं के नेतृत्व में चले व्यापक प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना को सत्ता छोड़नी पड़ी और अंतरिम सरकार ने देश का प्रशासन संभाला। इसी पृष्ठभूमि में हुए इस चुनाव को लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास बहाली और नई दिशा तय करने के अवसर के रूप में देखा गया। BNP ने आर्थिक सुधार, सुशासन और संस्थागत मजबूती के वादों के साथ जनता का भरोसा जीता।
मुख्य प्रतिद्वंदी Jamaat-e-Islami Bangladesh के नेतृत्व वाले गठबंधन को इस बार सीमित सफलता मिली और वह विपक्ष की भूमिका में सिमट गया है। हालांकि चुनाव अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण रहे, लेकिन अब नजर इस बात पर है कि नई सरकार अपनी मजबूत स्थिति का इस्तेमाल किस तरह व्यापक सुधारों के लिए करती है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन पर वैश्विक समुदाय की नजर रही। भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने तारिक रहमान और BNP को जीत पर बधाई दी और द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। क्षेत्रीय संतुलन और आर्थिक साझेदारी के लिहाज से इस परिणाम को अहम माना जा रहा है।
आगे की राह
दो-तिहाई बहुमत के साथ BNP के पास नीतिगत और संवैधानिक स्तर पर बड़े फैसले लेने का अवसर है। हालांकि नई सरकार के सामने आर्थिक पुनर्निर्माण, रोजगार सृजन, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और सामाजिक समरसता बनाए रखने जैसी गंभीर चुनौतियां होंगी।
जनआंदोलन के बाद लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए सत्ता परिवर्तन का यह अध्याय बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास में महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में दर्ज होगा। अब सबकी नजर इस पर है कि तारिक रहमान के नेतृत्व में देश स्थिरता और विकास की दिशा में किस तरह आगे बढ़ता है।




