काशी: शिव की नगरी, जहां समय ठहर जाता है और आत्मा जाग उठती है
काशी… यह नाम केवल एक नगर को नहीं, एक चेतना को व्यक्त करता है। यह वह स्थान है जिसे शिव ने स्वयं बसाया, और जिसका विनाश खुद काल भी नहीं कर सकता। इसे अनादि कहा गया है — क्योंकि यह समय के आरंभ से पहले था, और अंत के बाद भी रहेगा। वाराणसी — दो…
