नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) की नैतिकता, अंतरराष्ट्रीय मान्यता और भारतीय लोकतंत्र में इसका ऐतिहासिक महत्व
भारत ने 2019 में जो नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) पारित किया, वह न केवल एक कानूनी पहल थी, बल्कि मानवता, नैतिकता और ऐतिहासिक उत्तरदायित्व का एक दस्तावेज़ भी था। पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान जैसे इस्लामिक राष्ट्रों में धार्मिक अल्पसंख्यकों — विशेषकर हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई और पारसी समुदायों — पर दशकों से जो उत्पीड़न…
