रात के 3 बजे — वोट चोरों का गिरोह सक्रिय हुआ, लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला
सासाराम की वह रात साधारण रात नहीं थी। शहर गहरी नींद में डूबा हुआ था, सड़कों पर सन्नाटा पसरा था, और पूरा माहौल ऐसा था जैसे सब कुछ सामान्य हो। लेकिन इस गहरी चुप्पी के पीछे एक तूफान खड़ा हो रहा था। ठीक रात के 3 बजे, जब लोग अपने घरों में चैन से सो…
